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छत्तीसगढ़

सुशासन से बदली दिव्यांग जनजातीय दंपति की जिंदगी पूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का असर अब दूरस्थ और विशेष पिछड़ी जनजातियों तक दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार की पहल और प्रशासनिक सक्रियता के चलते एक विशेष पिछड़ी जनजाति से जुड़े दिव्यांग दंपति के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। वर्षों तक अभाव और अंधेरे में जीवन बिताने वाला यह परिवार अब सरकारी योजनाओं की मदद से नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के एक दूरस्थ गांव में रहने वाला यह दिव्यांग दंपति लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं से वंचित था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बिजली, राशन, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण उनका जीवन संघर्षों से भरा हुआ था।

जब प्रशासन को इस परिवार की स्थिति की जानकारी मिली, तब अधिकारियों ने तत्काल पहल करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें उपलब्ध कराया। सुशासन तिहार और जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से दंपति की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया और आवश्यक सहायता प्रदान की गई।

सरकारी सहायता के तहत परिवार को राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग सहायता योजना और आवास योजना का लाभ मिला। इसके साथ ही उनके घर तक बिजली कनेक्शन भी पहुंचाया गया, जिससे वर्षों बाद उनके जीवन में उजाला आया। बिजली सुविधा मिलने से अब उन्हें रात के समय होने वाली परेशानियों से राहत मिली है।

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दंपति ने बताया कि पहले उनका जीवन बेहद कठिन था। अंधेरे में रहना, जरूरी सुविधाओं का अभाव और आर्थिक तंगी ने जीवन को संघर्षमय बना दिया था। लेकिन अब सरकारी योजनाओं की मदद से स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्हें नियमित राशन मिल रहा है, पेंशन की सहायता प्राप्त हो रही है और रहने के लिए सुरक्षित आवास भी उपलब्ध कराया गया है।

स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। विशेष पिछड़ी जनजातियों और दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनसरोकार से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याएं सुनकर उनका मौके पर समाधान किया जा रहा है। इससे दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।

ग्रामीणों ने भी प्रशासनिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले ऐसे परिवारों तक सहायता पहुंचना मुश्किल था, लेकिन अब योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। इससे लोगों का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

दिव्यांग दंपति की जिंदगी में आया यह बदलाव राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों और सुशासन की प्रभावी कार्यप्रणाली का उदाहरण माना जा रहा है। अब यह परिवार आत्मविश्वास के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहा है।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.