डबरी निर्माण योजना ने किसान कुंवर सिंह की खेती और आय में बड़ा बदलाव लाया। जल संरक्षण से सिंचाई बेहतर हुई और फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
रायपुर। ग्रामीण कृषि विकास को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल संरक्षण अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राजधानी के निकटवर्ती गांव के किसान कुंवर सिंह की कहानी इसका ताज़ा उदाहरण है। डबरी निर्माण योजना के तहत तैयार की गई छोटी जलसंरक्षण इकाई ने न केवल उनकी खेती में नई जान फूँकी, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती दी है। अब उन्हें मौसम की अनिश्चितताओं का डर नहीं रहता और सिंचाई की सुविधा मिलने से उनकी उपज में पहले की तुलना में काफी इजाफा हुआ है।
कुंवर सिंह बताते हैं कि पहले उनकी फसलें बरसात पर पूरी तरह निर्भर रहती थीं। कई बार बारिश समय पर न होने से खेत सूख जाते थे और फसल उत्पादन बेहद कम हो जाता था। सरकार की डबरी निर्माण योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया, जिसके बाद उनके खेत के पास ही एक डबरी का निर्माण किया गया। यह डबरी बारिश के पानी को संरक्षित कर पूरे साल खेतों को सिंचाई उपलब्ध कराती है।
डबरी निर्माण के बाद उनकी खेती में व्यापक बदलाव आए। पानी के स्थायी स्रोत मिलने से उन्होंने रबी और खरीफ दोनों सीजन में नई-नई फसलें लगाना शुरू कर दिया। धान के अलावा अब वे सब्जियां, दालें और मौसमी फसलें भी उगा रहे हैं। कुंवर सिंह के अनुसार, पहले जहां उतनी आय नहीं हो पाती थी, वहीं अब अतिरिक्त फसलें बेचकर उनकी आय में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में कई किसानों को डबरी निर्माण का लाभ मिल रहा है। इससे न केवल खेती में स्थिरता आई है, बल्कि सूखे की स्थिति में भी किसानों को बड़ा सहारा मिल रहा है। यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए खासतौर पर फायदेमंद साबित हो रही है, क्योंकि इसमें लागत कम और लाभ अधिक मिलता है।
डबरी में जमा पानी का उपयोग पशुओं के लिए भी किया जा रहा है, जिससे पशुपालन को भी बढ़ावा मिल रहा है। कुंवर सिंह ने बताया कि अब उन्हें पीने के पानी और पशुओं के जल की समस्या नहीं होती। इससे खेती के साथ-साथ पशुपालन उनकी दूसरी आय का स्रोत बन गया है।
राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए डबरी, खेत-तालाब, परकोलेशन टैंक और स्टॉप डेम जैसी संरचनाओं का तेजी से निर्माण किया जा रहा है। इससे भूजल स्तर में सुधार और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डबरी निर्माण जल प्रबंधन का सशक्त मॉडल है, जो कम लागत में किसानों को दीर्घकालिक लाभ देता है।
कुंवर सिंह जैसे कई किसानों के जीवन में इस योजना ने सकारात्मक परिवर्तन किए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उनकी सफलता की कहानी अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।
कृषि विभाग ने बताया कि आने वाले समय में और अधिक गांवों में इस योजना का विस्तार किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान आत्मनिर्भर बन सकें।








