गुरुकुल महिला महाविद्यालय, रायपुर में एनएसएस इकाई द्वारा निशुल्क “मेगा हेल्थ चेकअप कैम्प” आयोजित, 300 से अधिक छात्राओं ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण और परामर्श प्राप्त किया।
रायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रायपुर में आज राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा बेटर भारत, माँ फाउंडेशन और आशा देवी रेखचंद दुनिया चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में निशुल्क “मेगा हेल्थ चेकअप कैंप” का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य जागरूकता के प्रति प्रेरित करना और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता को समझाना था।
इस मेगा शिविर में विभिन्न अस्पतालों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। स्त्री रोग जांच आईएलएस हॉस्पिटल, नेत्र परीक्षण एएसजी हॉस्पिटल, डेंटल चेकअप डॉ. के. डी. जी., मेंटल हेल्थ काउंसलिंग डॉ. आलोक शर्मा, और बीएएम हॉस्पिटल की टीम द्वारा सिकल सेल जांच एवं परामर्श की सुविधा दी गई।
स्वास्थ्य जागरूकता की अनोखी पहल
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. रात्रि लहरी के नेतृत्व में हुई। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में युवतियों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा —
“स्वस्थ शरीर और सशक्त मन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं। इस तरह के स्वास्थ्य शिविर छात्राओं में आत्म-जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं।”
शिविर में लगभग 300 छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जांच के बाद डॉक्टरों ने प्रत्येक छात्रा को उनके स्वास्थ्य की रिपोर्ट और आवश्यक सुझाव दिए।
बहुआयामी स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था
इस स्वास्थ्य शिविर में विभिन्न श्रेणियों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं —
- स्त्री रोग जांच: आईएलएस हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर परामर्श दिया और जरूरी उपचार की जानकारी दी।
- नेत्र परीक्षण: एएसजी हॉस्पिटल की टीम ने आंखों की जांच कर दृष्टि सुरक्षा के उपाय बताए।
- दंत जांच: डॉ. के. डी. जी. ने डेंटल केयर और मौखिक स्वच्छता से जुड़ी जागरूकता फैलाई।
- मानसिक स्वास्थ्य परामर्श: प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. आलोक शर्मा ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और तनाव प्रबंधन के उपायों पर चर्चा की।
- सिकल सेल जांच: बीएएम हॉस्पिटल की टीम ने सिकल सेल एनीमिया की जांच कर आवश्यक परामर्श प्रदान किया।
छात्राओं में उत्साह और सकारात्मकता
शिविर में भाग लेने वाली छात्राओं ने इसे एक सार्थक और प्रेरणादायक अनुभव बताया। कई छात्राओं ने कहा कि इस आयोजन से उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूकता मिली और उन्होंने यह समझा कि छोटी-छोटी स्वास्थ्य आदतें भी जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।
एक छात्रा ने कहा —
“यह पहली बार है जब हमने इतने विशेषज्ञ डॉक्टरों से एक ही जगह पर परामर्श लिया। अब हम अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क रहेंगे।”
सफल आयोजन में सभी का योगदान
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रात्रि लहरी, डॉ. देवश्री वर्मा, अंशिका दुबे और सरिता वर्मा की टीम द्वारा किया गया। सभी डॉक्टरों और ट्रस्ट के सदस्यों को महाविद्यालय परिवार की ओर से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता ने सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा —
“शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक विकास का केंद्र भी हैं। ऐसे स्वास्थ्य शिविर छात्रों को स्वस्थ जीवन की दिशा में प्रेरित करते हैं।”
सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल
यह आयोजन गुरुकुल महिला महाविद्यालय द्वारा छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का प्रमाण था। राष्ट्रीय सेवा योजना की टीम ने यह संदेश दिया कि युवतियों को अपने स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और जीवनशैली के प्रति सजग रहना चाहिए।
शिविर के आयोजन ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया — कि स्वास्थ्य केवल डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की अपनी प्राथमिकता होनी चाहिए।
महाविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में इसी तरह के विशेषज्ञ स्वास्थ्य एवं पोषण शिविर भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा मिल सके।








