मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दृढ़ संकल्पित है, गरीबी उन्मूलन से पर्यावरण संरक्षण तक काम जारी।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में विकास का हर कदम पर्यावरणीय संतुलन, सामाजिक न्याय और आर्थिक प्रगति को ध्यान में रखकर उठाया जाएगा।
सतत विकास लक्ष्य क्या हैं
संयुक्त राष्ट्र द्वारा तय किए गए 17 सतत विकास लक्ष्य 2030 तक पूरे विश्व के लिए गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर केंद्रित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार विशेष रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है:
- गरीबी उन्मूलन और रोजगार सृजन
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
- स्वच्छ जल और स्वच्छता
- नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना
- जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण
शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
सरकार ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना जैसी पहल बच्चों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी आयुष्मान भारत और राज्य की विशेष योजनाओं के जरिए गरीब और जरूरतमंद परिवारों को लाभ मिल रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण की सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग पर भी जोर है। छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा परियोजनाओं और हरित ऊर्जा समाधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जल और स्वच्छता
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव और हर घर तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं और स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
महिलाओं और कमजोर वर्गों का सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सतत विकास तभी संभव है जब महिलाओं, बच्चों, किसानों और श्रमिकों को बराबरी का अवसर मिले। राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए स्वरोजगार और शिक्षा के नए अवसर पैदा किए हैं।
सामुदायिक भागीदारी पर जोर
उन्होंने यह भी कहा कि सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और आम जनता की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में राज्य सरकार तकनीक, नवाचार और हरित विकास पर आधारित योजनाओं को प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ सतत विकास का आदर्श राज्य बने और 2030 तक सभी लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित हो।”
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री का यह बयान छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि राज्य न केवल आर्थिक विकास बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, सामाजिक न्याय और मानव विकास पर भी बराबर ध्यान दे रहा है। सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में यह पहल राज्य को सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाएगी।








