राज्यपाल रमेन डेका ने बेहराखार में बिरहोर जनजाति से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास पर जोर दिया।
रायपुर/जशपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर जिले के दूरस्थ ग्राम बेहराखार का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनकी जीवनशैली, समस्याओं और आवश्यकताओं को नजदीक से समझने का प्रयास किया।
राज्यपाल के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया। उन्होंने बिरहोर समुदाय के लोगों के साथ बैठकर संवाद किया और उनके दैनिक जीवन, आजीविका, शिक्षा तथा स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा कि सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षा की सुविधाएं सुलभ और गुणवत्तापूर्ण हों।
स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में राज्यपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिरहोर समुदाय के लोगों को समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है।
राज्यपाल ने आजीविका के साधनों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं का लाभ बिरहोर समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और जनजातीय विकास विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने राज्यपाल को क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी।
राज्यपाल का यह दौरा न केवल प्रशासन के लिए दिशा-निर्देशक रहा, बल्कि बिरहोर समुदाय के लोगों के लिए भी उत्साहवर्धक साबित हुआ। इससे उन्हें यह विश्वास मिला कि शासन उनके विकास और कल्याण के लिए गंभीर है।







