शिव मंदिर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में श्रद्धा, संस्कृति और धरोहर संरक्षण का संदेश, बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में पाली स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं, धर्माचार्यों, जनप्रतिनिधियों और संस्कृति प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। आयोजन का उद्देश्य सनातन परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक आस्था के संरक्षण का संदेश देना रहा।
कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया और प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। आयोजन स्थल को पारंपरिक सजावट, दीपों और धार्मिक प्रतीकों से आकर्षक रूप दिया गया था, जिससे पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान उसकी प्राचीन धरोहरों और मंदिरों से जुड़ी हुई है। पाली शिव मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और इतिहास के प्रतीक भी हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
आयोजन के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया और प्रदेश की खुशहाली एवं सामाजिक समरसता की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पाली शिव मंदिर में आयोजित यह भव्य पर्व श्रद्धा, संस्कृति और धरोहर संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश देकर लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।








