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छत्तीसगढ़

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का भव्य समापन, संस्कृति और कृषि नवाचारों का अनूठा संगम

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का भव्य समापन, लोकसंस्कृति, कृषि नवाचार और किसानों के लिए आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिला।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और आधुनिक कृषि तकनीकों को एक मंच पर लाने वाले जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का भव्य समापन उत्साह और उल्लास के साथ हुआ। कई दिनों तक चले इस आयोजन में प्रदेशभर से आए कलाकारों, किसानों, तकनीकी विशेषज्ञों और आम लोगों ने भाग लिया। समापन समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कृषि नवाचारों की झलक ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

महोत्सव के अंतिम दिन लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत करते हुए लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया। आयोजन के दौरान विभिन्न जिलों से आए कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

एग्रीटेक कृषि मेले में आधुनिक कृषि उपकरण, नई तकनीक और उन्नत खेती के तरीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों को जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई, फसल प्रबंधन और कृषि स्टार्टअप्स से जुड़ी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक के उपयोग से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है और उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत भी कम की जा सकती है।

कृषि मेले में लगे स्टॉल किसानों के लिए खास आकर्षण रहे, जहां उन्हें उन्नत बीज, कृषि मशीनरी और नवीनतम कृषि समाधान देखने का मौका मिला। कई किसानों ने नई तकनीकों को अपनाने में रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर जानकारी हासिल की। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

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समापन समारोह में सांस्कृतिक और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ किसानों को नई दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि लोक महोत्सव और कृषि मेला का यह संयोजन लोगों के लिए खास अनुभव लेकर आया है।

महोत्सव के दौरान स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान के स्टॉल भी लगाए गए, जहां पर्यटकों और आगंतुकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। इससे स्थानीय व्यापारियों और कारीगरों को भी आर्थिक लाभ मिला। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए थे, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।

जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव ने जहां लोकसंस्कृति को मंच दिया, वहीं एग्रीटेक कृषि मेले ने किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराया। यह आयोजन सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के बीच संतुलन का उदाहरण बनकर सामने आया। समापन अवसर पर कलाकारों की अंतिम प्रस्तुति और आतिशबाजी ने माहौल को और भी खास बना दिया।

आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है, ताकि प्रदेश की संस्कृति और कृषि क्षेत्र दोनों को नई पहचान मिल सके। जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का सफल समापन यह दर्शाता है कि परंपरा और तकनीक का संगम विकास की नई संभावनाएं पैदा कर सकता है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.