मैनपाट महोत्सव के दूसरे दिन लोकसंगीत और बॉलीवुड गीतों की शानदार प्रस्तुतियां हुईं, कलाकारों ने दर्शकों को बांधा, पर्यटन और सांस्कृतिक उत्सव का माहौल बना रहा।
मैनपाट। सरगुजा अंचल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में आयोजित मैनपाट महोत्सव के दूसरे दिन लोकसंगीत और बॉलीवुड गीतों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजे इस आयोजन में बड़ी संख्या में पर्यटक, स्थानीय नागरिक और कला प्रेमी शामिल हुए। मंच पर छत्तीसगढ़ी लोककलाकारों से लेकर लोकप्रिय गायकों तक ने अपनी प्रस्तुति देकर माहौल को उत्सवमय बना दिया।
महोत्सव के दूसरे दिन की शुरुआत पारंपरिक लोकनृत्य और लोकगीतों से हुई। कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत कर दिया। ढोल, मांदर और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुनों पर प्रस्तुत किए गए कार्यक्रमों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय कलाकारों को मिले इस मंच ने उनकी कला को नई पहचान देने का काम किया।
शाम होते ही बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी खास बना दिया। प्रसिद्ध गायकों और संगीत बैंड ने लोकप्रिय फिल्मी गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर युवाओं और पर्यटकों ने जमकर तालियां बजाईं। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक मंच सज्जा ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया।
आयोजकों के अनुसार, मैनपाट महोत्सव का उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस आयोजन के जरिए न केवल कलाकारों को मंच मिलता है, बल्कि क्षेत्रीय हस्तशिल्प, खान-पान और स्थानीय उत्पादों को भी प्रोत्साहन मिलता है। महोत्सव स्थल पर लगे विभिन्न स्टॉलों में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई थी। पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्र और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस तरह के आयोजन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मैनपाट की प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के बीच आयोजित यह महोत्सव पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। दूसरे दिन के कार्यक्रमों में पारंपरिक नृत्य, आधुनिक संगीत और सांस्कृतिक झलकियों का अनूठा संगम देखने को मिला। दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की और देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शामिल होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि मैनपाट महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है और इससे पर्यटन को नई गति मिल रही है। आने वाले दिनों में भी कई प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिससे महोत्सव का आकर्षण और बढ़ेगा।
मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन यह साबित करने में सफल रहा कि छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और आधुनिक संगीत का संगम लोगों को एक साथ जोड़ने की क्षमता रखता है। लोकसंगीत की मधुर धुनों और बॉलीवुड सुरों के साथ सजा यह आयोजन दर्शकों के लिए यादगार बन गया।








