छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 का रायपुर में भव्य शुभारंभ हुआ। हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिला, और सांस्कृतिक संध्या ने पूरे राज्य को उत्सवमय बना दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती राज्योत्सव 2025 का रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में भव्य शुभारंभ हुआ। राज्य की परंपरा, संस्कृति, उपलब्धियों और जनकल्याण योजनाओं की झलक से सजे इस आयोजन ने पूरे प्रदेश में उत्सव का वातावरण बना दिया। मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कलाकार और हजारों नागरिकों की उपस्थिति में यह अवसर छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का प्रतीक बन गया।
🌿 मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ, कहा—“छत्तीसगढ़ अब आत्मनिर्भर राज्य की राह पर”
मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर राज्योत्सव का शुभारंभ किया और प्रदेशवासियों को रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा —
“छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और हरियाली का राज्य नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और संस्कृति में आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभर रहा है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मेहनतकश जनता की उपलब्धियों का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियाँ “जनहित और जनकल्याण” की भावना से प्रेरित हैं।
💰 हितग्राही हुए लाभान्वित — योजनाओं की सौगातें मिलीं
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र और सहायता राशि वितरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि —
- महतारी सम्मान योजना से महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण मिला।
- गोधन न्याय योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली।
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला।
- किसान समृद्धि मिशन से राज्य के किसानों की आय में वृद्धि हुई।
इस अवसर पर लाभ प्राप्त करने वाली दुर्ग जिले की राधा बाई ने कहा —
“राज्य सरकार की योजनाओं ने हमें सम्मान और आत्मनिर्भरता दी है। आज का दिन हमारे लिए उत्सव जैसा है।”
🎭 सांस्कृतिक संध्या में झलकी ‘छत्तीसगढ़िया गौरव’ की झलक
शाम को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पारंपरिक और आधुनिक कला का सुंदर संगम देखने को मिला।
पंथी नृत्य, करमा नृत्य, सुआ नाचा, राउत नाचा और झांकी प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ प्रसिद्ध लोक कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी, जिसने राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवंत कर दिया।
संगीत की धुनों पर झूमते दर्शक बार-बार तालियाँ बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
🌾 राज्य की प्रगति की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
राज्योत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया।
कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और उद्योग विभागों के स्टॉलों में राज्य की योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी गई।
विशेष रूप से महिला एवं बाल विकास विभाग का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ “महिला उद्यमिता और स्व-सहायता समूहों” की सफलता की कहानियाँ प्रदर्शित की गईं।
पर्यटन विभाग के स्टॉल पर राज्य के प्रमुख स्थलों — चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, बस्तर, डोंगरगढ़ और मैनपाट — की झलकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
🧵 छत्तीसगढ़ की संस्कृति ने बाँधा दर्शकों को एक सूत्र में
राज्योत्सव के मंच पर प्रस्तुत लोकनृत्य और गीतों में राज्य की एकता, भाईचारे और मेहनत की झलक साफ दिखी।
बस्तर के जनजातीय कलाकारों की प्रस्तुति “बस्तर बैंड” ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
कार्यक्रम में बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल ने आयोजन को जीवंत बना दिया।
चिला, ठेठरी-खुरमी, फरा और लाल चावल जैसे पारंपरिक व्यंजन स्टॉलों पर लोगों की लंबी कतारें लगीं रहीं।
🌸 मंत्रीगणों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की उपस्थिति रही।
सभी ने अपने विचार साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की सराहना की।
संस्कृति मंत्री ने कहा —
“राज्योत्सव न केवल हमारी परंपरा का प्रदर्शन है, बल्कि यह हमारे सामूहिक प्रयासों और जनता की भागीदारी का उत्सव भी है।”
गृह मंत्री ने कहा —
“राज्य ने 25 वर्षों में वह हासिल किया है जो कभी केवल सपना था — अब छत्तीसगढ़ ‘नवा भारत’ का गर्व है।”
🕯️ जनता की भारी भागीदारी — ‘उत्सव बना जनआंदोलन’
राज्योत्सव के उद्घाटन दिन से ही नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी।
परिवारों, छात्रों, पर्यटकों और कलाकारों ने मिलकर इस उत्सव को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया।
लोगों ने झांकियों के साथ सेल्फी लीं, स्थानीय गीतों पर नाचे और कलाकारों की प्रस्तुति का आनंद लिया।
रायपुर निवासी निशा वर्मा ने कहा —
“यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि हम एक ऐसे राज्य के नागरिक हैं जिसने मेहनत और संस्कृति से पहचान बनाई है।”
🌈 रजत जयंती वर्ष — गर्व और संकल्प का संगम
राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह राज्योत्सव न केवल उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि नए संकल्पों का आरंभ भी है।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने कहा —
“अगले 25 वर्ष छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और समृद्धि के होंगे। हम हर घर तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
✨ समापन — एक उत्सव, जो बन गया जनभावना का प्रतीक
राज्योत्सव 2025 का पहला दिन छत्तीसगढ़ की संस्कृति, विकास और जनकल्याण की एक जीवंत झलक बनकर सामने आया।
हितग्राहियों की मुस्कान, कलाकारों की प्रस्तुति और जनता की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ सच में “सुघ्घर और संगठित राज्य” है।
यह आयोजन आने वाले वर्षों में राज्य की नई उड़ान और नई पहचान की नींव बनेगा।






