मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर के अमलीगुड़ा एनीकट-कम-कॉजवे के जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन किया। परियोजना से सिंचाई, संपर्क और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बस्तर। छत्तीसगढ़ के वनांचल बस्तर में ग्रामीण विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के लोक निर्माण एवं जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अमलीगुड़ा एनीकट-कम-कॉजवे के जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन किया।
यह परियोजना न केवल बस्तर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ करेगी, बल्कि ग्रामीण संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम देगी।
🌾 ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम
अमलीगुड़ा एनीकट-कम-कॉजवे का जीर्णोद्धार कार्य बस्तर जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संरचना न केवल जलसंवर्धन का साधन बनेगी, बल्कि बस्तर अंचल की खेती-किसानी में नई ऊर्जा का संचार करेगी।
मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा —
“इस परियोजना के पूर्ण होने से अमलीगुड़ा, झाड़ूगुड़ा, कटेकल्याण और आसपास के गाँवों के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी। खेती का रकबा बढ़ेगा और ग्रामीणों की आमदनी में वृद्धि होगी।”
उन्होंने बताया कि इस कार्य की अनुमानित लागत लगभग ₹4.85 करोड़ है, जिसे लोक निर्माण विभाग के सहयोग से पूरा किया जाएगा।
💧 जल संसाधन और सिंचाई क्षमता में होगा विस्तार
एनीकट और कॉजवे के जीर्णोद्धार से वर्षा के पानी का प्रभावी संचयन होगा।
इससे आसपास के खेतों में सालभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी और सूखे की समस्या में काफी कमी आएगी।
तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से लगभग 600 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों ने इस परियोजना को अपने क्षेत्र के विकास के लिए “जीवनरेखा” बताया।
किसान मुरली नेताम ने कहा —
“अब हमें बारिश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह एनीकट हमारे खेतों में हर मौसम में पानी सुनिश्चित करेगा।”
🛣️ ग्रामीण संपर्क मार्गों को भी मिलेगी मजबूती
अमलीगुड़ा एनीकट-कम-कॉजवे का पुनर्निर्माण केवल जल परियोजना नहीं, बल्कि यह एक सड़क संपर्क परियोजना भी है।
मंत्री कश्यप ने बताया कि कॉजवे के निर्माण से बस्तर के दूरस्थ ग्रामों को मुख्य मार्ग से जोड़ने में मदद मिलेगी।
इससे स्कूल, अस्पताल, बाजार और प्रशासनिक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच और सुगम होगी।
“सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी गाँव विकास की मुख्यधारा से अलग न रहे। मजबूत सड़कों से ही मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण संभव है।” — श्री कश्यप
🌿 पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन पर विशेष जोर
परियोजना के साथ-साथ पर्यावरणीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
निर्माण स्थल के आसपास वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा और एनीकट की संरचना को पारिस्थितिकीय दृष्टि से सुदृढ़ बनाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जल निकासी प्रणाली को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव की स्थिति न बने।
👩🌾 किसानों की खुशहाली सरकार की प्राथमिकता — मंत्री श्री कश्यप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा —
“छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य किसानों को सशक्त बनाना है। जल संसाधन योजनाओं के माध्यम से सिंचाई का जाल बिछाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।”
उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में दर्जनों एनीकट और जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है।
इन योजनाओं से हजारों किसानों को सीधे लाभ मिला है और जलस्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
🏗️ स्थानीय रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा
जीर्णोद्धार कार्य के दौरान स्थानीय मजदूरों और ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य में स्थानीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि ग्रामीणों की आजीविका भी सुदृढ़ हो सके।
पंचायत प्रतिनिधियों ने भी मंत्री कश्यप का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की परियोजनाएँ बस्तर के दूरदराज़ इलाकों में विकास का आधार बन रही हैं।
🕊️ विकास और परंपरा का संतुलन — बस्तर की पहचान
बस्तर केवल संस्कृति और परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि अब वह विकास का मॉडल भी बनता जा रहा है।
राज्य सरकार की पहलें जैसे — मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, गोधन न्याय योजना और महतारी सशक्तिकरण अभियान — ग्रामीण इलाकों में समग्र विकास की दिशा में मजबूत नींव साबित हो रही हैं।
मंत्री कश्यप ने कहा —
“हम विकास को परंपरा के साथ जोड़कर आगे बढ़ा रहे हैं। जल, जंगल और जमीन — यही बस्तर की आत्मा है, और इन तीनों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है।”
🌟 ग्रामीणों ने मंत्री का किया स्वागत
अमलीगुड़ा पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों और युवाओं ने मंत्री श्री कश्यप का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं के साथ पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहा।
कार्यक्रम में बस्तर जिला पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय विधायक, जनपद सदस्य, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
🌈 बस्तर में विकास की नई रफ्तार
अमलीगुड़ा एनीकट-कम-कॉजवे परियोजना के भूमिपूजन के साथ बस्तर के ग्रामीण अंचल में विकास की एक और गाथा जुड़ गई है।
यह परियोजना न केवल बस्तर की जल समस्या को दूर करेगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और खुशहाली की दिशा में भी मार्ग प्रशस्त करेगी।
मंत्री श्री कश्यप ने कहा —
“हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ के हर गाँव तक सड़क, पानी और समृद्धि पहुँचे — यही सच्चा राज्योत्सव है।”






