कोरबा में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर ‘यूनिटी मार्च’ का भव्य आयोजन हुआ, हजारों लोगों ने राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
रायपुर। देश की एकता और अखंडता के प्रतीक लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आज ‘यूनिटी मार्च’ (एकता दौड़) का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम ने न केवल देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित किया, बल्कि सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी बना।
🇮🇳 एकता का प्रतीक आयोजन
‘यूनिटी मार्च’ का आयोजन जिला प्रशासन, नेहरू युवा केंद्र, खेल एवं युवा कल्याण विभाग और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे नेहरू चौक कोरबा से हुई, जहाँ से हजारों युवाओं, विद्यार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लिए एकता का संदेश दिया।
मार्च के दौरान “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”, “सरदार पटेल अमर रहें”, और “हम सब एक हैं” जैसे नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
🏛️ सरदार पटेल को श्रद्धांजलि
मार्च से पूर्व सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने कहा —
“सरदार पटेल ने अपने दृढ़ नेतृत्व और संकल्प से देश की रियासतों को एक सूत्र में पिरोया। उनकी दूरदर्शिता के कारण आज भारत एक अखंड राष्ट्र के रूप में खड़ा है।”
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर राष्ट्रीय एकता, ईमानदारी और सेवा भावना को अपनाएँ।
🏃♂️ युवाओं का उत्साह
‘यूनिटी मार्च’ में भाग लेने वाले युवाओं का उत्साह देखने लायक था।
स्कूल-कॉलेजों के छात्रों, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर यह संदेश दिया कि एकता और देशभक्ति भारतीय समाज की नींव है।
युवाओं ने राष्ट्रीय ध्वज और सरदार पटेल के चित्रों के साथ मार्च करते हुए “रन फॉर यूनिटी” को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया।
🪶 ऐतिहासिक विरासत की याद
सरदार पटेल भारत के उन महान नेताओं में थे जिन्होंने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण का कार्य कर भारत को एकजुट किया।
उनके इस योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और प्रगति में पटेल की नीति, दृढ़ता और संकल्प का अद्भुत योगदान रहा है।
कार्यक्रम में पटेल के जीवन पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और वृत्तचित्र प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें उनके जीवन के प्रेरणादायक प्रसंगों को दिखाया गया।
🎭 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और नाटक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
स्कूली बच्चों ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम स्थल पर तिरंगे झंडों और पटेल की जीवनी से सजे पोस्टरों ने वातावरण को देशभक्ति की भावना से भर दिया।
🏅 सम्मान और प्रेरणा
समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एनसीसी और एनएसएस प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, विभिन्न विद्यालयों और कॉलेजों को भी उनकी सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
जिला प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता की भावना को सशक्त करना है।
🏫 शैक्षणिक संस्थानों में विशेष कार्यक्रम
सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों में भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं।
छात्रों ने सरदार पटेल के योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए और देश के निर्माण में उनके नेतृत्व को सलाम किया।
विद्यालयों में “लौह पुरुष सप्ताह” मनाया जा रहा है, जिसके तहत प्रतिदिन देशभक्ति आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
💬 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के विचार
समारोह में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदृष्टि और निर्णय क्षमता ने भारत को एकजुट किया।
उन्होंने कहा —
“आज जब देश अनेक सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब पटेल के विचार और मूल्य पहले से अधिक प्रासंगिक हैं।”
जिला कलेक्टर ने कहा कि “कोरबा का यह आयोजन राज्य में एकता और समरसता का उदाहरण बनेगा। हम सबको मिलकर पटेल के सपनों का भारत बनाना है।”
🌿 पर्यावरण संदेश के साथ यूनिटी रन
इस वर्ष के यूनिटी मार्च की विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों ने ‘हरित भारत – एक भारत’ का भी संदेश दिया।
मार्च के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधारोपण कर स्वच्छ और हरित कोरबा का संकल्प लिया।
युवा प्रतिभागियों ने कहा कि देश की एकता तभी सार्थक है जब हम प्रकृति और समाज दोनों के प्रति जिम्मेदार बनें।
🌏 निष्कर्ष (संक्षेप में)
कोरबा में आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और देशभक्ति का भव्य प्रतीक बन गया।
यह आयोजन न केवल अतीत के नायकों को श्रद्धांजलि था, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को एकता, अनुशासन और देशसेवा की प्रेरणा देने का माध्यम भी बना।
लौह पुरुष पटेल की विचारधारा आज भी यह सिखाती है कि जब देश के हर नागरिक में एकता की भावना होती है, तब भारत और भी अधिक सशक्त बनता है।








