मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर में शुक्रवार की नमाज़ से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह पहला शुक्रवार है जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस स्थल को देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया है। शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,500 से अधिक पुलिसकर्मी, ड्रोन और CCTV कैमरों की मदद से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। हिंदू समुदाय के एक संगठन, भोज उत्सव समिति ने इस अवसर पर सामूहिक “अखंड पूजा” का आह्वान किया है, जिसे उन्होंने 721 साल बाद आया ऐतिहासिक क्षण बताया है, जबकि जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अदालत के आदेशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
धार के पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने जानकारी दी कि भोजशाला परिसर और उसके आसपास नौ-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इस सुरक्षा घेरे में वाहन जांच, मोबाइल गश्त, CCTV निगरानी और ड्रोन से हवाई निगरानी शामिल है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके और हाईकोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जा सके। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी अफवाह या भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट पर ध्यान न देने की अपील कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिसर में ऐसी कोई नई धार्मिक गतिविधि या परंपरा शुरू नहीं की जाएगी जिसकी पहले अनुमति नहीं थी।
हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

यह पूरा घटनाक्रम मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 15 मई को दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद सामने आया है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर को देवी वाग्देवी (सरस्वती) को समर्पित एक मंदिर घोषित किया था। इसके साथ ही, अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था, जिसके तहत मुसलमानों को शुक्रवार को इस स्थल पर नमाज़ अदा करने की अनुमति थी। इस फैसले से पहले, हिंदू समुदाय को मंगलवार को इस मध्यकालीन स्मारक में पूजा करने की अनुमति थी, जबकि मुस्लिम समुदाय कई वर्षों से शुक्रवार को यहां नमाज़ अदा करता आ रहा था। दोनों समुदाय इस संरचना पर अपना दावा करते रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद, हिंदू संगठनों ने मंगलवार को परिसर में प्रार्थना और आतिशबाजी के साथ “विजय उत्सव” मनाया था।
हिंदू समुदाय की ‘अखंड पूजा’ की तैयारी
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोज उत्सव समिति ने इस शुक्रवार को परिसर में सामूहिक “अखंड पूजा” और “महा आरती” का आयोजन करने का आह्वान किया है। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने बताया कि हिंदू समुदाय के सदस्य शुक्रवार दोपहर को धन मंडी चौक पर इकट्ठा होंगे और फिर एक जुलूस के रूप में भोजशाला की ओर प्रस्थान करेंगे। अशोक जैन ने कहा, “यह शुक्रवार 721 साल बाद आया है और हमारे आत्म-सम्मान से जुड़ा है। पूरा हिंदू समुदाय भोजशाला में प्रार्थना करेगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि दशकों से हिंदू समुदाय को इस स्थल पर पूजा को लेकर प्रतिबंधों और विवादों का सामना करना पड़ा है, खासकर जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती थी।
प्रशासन की शांति और सद्भाव की अपील
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने बुधवार को कलेक्टर राजीव रंजन मीना और एसपी सचिन शर्मा की उपस्थिति में एक शांति समिति की बैठक आयोजित की। इस बैठक में दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी उत्तेजक सोशल मीडिया पोस्ट से दूर रहने का आग्रह किया है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का “पूरी ईमानदारी और भावना से” पालन किया जाएगा। उनका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न फैले और कानून-व्यवस्था बनी रहे, ताकि दोनों समुदायों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व सुनिश्चित हो सके।









