अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर छत्तीसगढ़ के 115 शहरों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया, जिन्हें जनसेवा और नागरिक सुविधाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
रायपुर। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक पहल की गई। प्रदेश के 115 शहरों में एक साथ ‘अटल परिसर’ का लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम वाजपेयी जी के सुशासन, सार्वजनिक सेवा और विकास-केन्द्रित राजनीति के आदर्शों को समर्पित रहा।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापक भागीदारी रही। अटल परिसर को स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और जनसेवा गतिविधियों के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां नागरिकों को अनेक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।
अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन और कार्यों का स्मरण करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेता और संवेदनशील कवि भी थे। लोकतंत्र, राष्ट्रीय स्वाभिमान और सर्वसमावेशी विकास उनके नेतृत्व की पहचान रहे। अटल परिसर उनके विचारों और आदर्शों को जनसेवा से जोड़ने का प्रतीक है।
इन परिसरों में नागरिक सेवाओं, सामुदायिक कार्यक्रमों और प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उद्देश्य यह है कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, पारदर्शी और सुलभ तरीके से मिल सकें। साथ ही यह परिसर सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेंगे।
लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर श्रद्धांजलि सभाएं भी आयोजित की गईं, जिनमें अटल बिहारी वाजपेयी के प्रेरक व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि वाजपेयी जी ने राजनीति में संवाद, मर्यादा और सुचिता का मानक स्थापित किया, जो सभी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा है।
विभिन्न जिलों और नगर निगम क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया। लोगों ने कहा कि अटल परिसर जनता और प्रशासन के बीच सेतु का काम करेंगे तथा विकास और सेवा के लिए समर्पित संस्थागत ढांचा तैयार करेंगे।
इस अवसर पर सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार, नागरिकों की भागीदारी और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। स्थानीय निकायों को निर्देश दिए गए कि अटल परिसर को स्वच्छ, सुरक्षित और जनहितैषी बनाए रखने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम के समापन पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर शुरू की गई यह पहल उनके आदर्शों को धरातल पर उतारने का प्रयास है। अटल परिसर आने वाले वर्षों में जनसेवा और सुशासन के केंद्र के रूप में विकसित होंगे।








