विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा हैं। नागरिक सहभागिता और युवा जागरूकता पर जोर दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और संस्थाएं पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं। उन्होंने यह बात राज्य में आयोजित लोकतंत्र और नागरिक सहभागिता पर संगोष्ठी में कही।
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लोकतंत्र पर जोर
सभा में डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हैं और यह केवल शासन की प्रणाली नहीं, बल्कि जनता की शक्ति और निर्णय प्रक्रिया का प्रतीक है। उन्होंने कहा,
“लोकतंत्र में लोगों की भागीदारी और उनके अधिकारों की रक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण है। यह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे विविधता और मतभेद के बावजूद लोकतंत्र स्थिर रह सकता है।”
नागरिक सहभागिता का महत्व
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र केवल वोट देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके मूल में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी, जागरूकता और जिम्मेदारी निहित है। उन्होंने लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
छत्तीसगढ़ में लोकतांत्रिक प्रगति
डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की लोकतांत्रिक संस्थाओं और पंचायत प्रणाली की सफलता का उदाहरण देते हुए बताया कि स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और पारदर्शिता ने राज्य में विकास की गति बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि पंचायत और विधानसभा के सहयोग से प्रदेश में योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर हुआ है।
विविधता में एकता
उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक ताकत इसकी सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक विविधता में निहित एकता में छिपी है। विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के बीच संवाद और सहमति लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
युवा और लोकतंत्र
डॉ. रमन सिंह ने युवाओं को लोकतंत्र के सशक्त भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व युवा पीढ़ी को सक्षम बनाते हैं। युवाओं को लोकतंत्र की मूल भावना को समझते हुए निर्णय लेने की प्रेरणा दी।
वैश्विक दृष्टि
सभा में उन्होंने यह भी कहा कि भारत के लोकतांत्रिक मॉडल ने दुनिया भर के देशों को यह दिखाया कि लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि जनता की शक्ति और विकास का मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य देशों के नेताओं और नागरिकों के लिए भारत एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
निष्कर्ष
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने यह स्पष्ट किया कि लोकतंत्र सिर्फ संविधान और नियमों तक सीमित नहीं है। यह समानता, न्याय, और पारदर्शिता के मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की इस परंपरा को मजबूत करने के लिए नागरिकों, युवाओं और संस्थानों का सहयोग आवश्यक है।








