जशपुर में 2025 की ‘जशपुर जम्बूरी’ में पर्यावरण, लोकसंस्कृति और साहसिक खेलों का अनोखा संगम, राज्य पर्यटन विभाग की प्रमुख आयोजन श्रृंखला का हिस्सा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के खूबसूरत पहाड़ी जिले जशपुर में इस साल आयोजित होने जा रहा है राज्य का सबसे बहुप्रतीक्षित आयोजन — “जशपुर जम्बूरी 2025”। यह कार्यक्रम न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति का उत्सव है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार का बड़ा प्रयास भी है।
इस वर्ष का जम्बूरी आयोजन फरवरी 2025 के पहले सप्ताह में होगा, जिसमें देश-विदेश से सैकड़ों पर्यटक, पर्यावरणविद, साहसिक खिलाड़ी और लोक कलाकार भाग लेंगे। राज्य पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित इस आयोजन का उद्देश्य जशपुर को “Eco Adventure Capital of Chhattisgarh” के रूप में विकसित करना है।
🌿 प्रकृति के बीच ‘इको-फेस्टिवल’ का अनुभव
जशपुर जिले की गहरी घाटियां, झरने, घने जंगल और स्वच्छ नदियां इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनाती हैं। जम्बूरी 2025 के तहत यहां इको-ट्रेकिंग, बर्ड वॉचिंग, नेचर वॉक और फॉरेस्ट कैंपिंग जैसे आकर्षक कार्यक्रम रखे जाएंगे।
पर्यटन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि इस बार विशेष रूप से “ग्रीन कैंप ज़ोन” तैयार किया जा रहा है, जहां प्लास्टिक और डिस्पोजेबल सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी स्टॉल और कैंपिंग साइट्स बांस, लकड़ी और कपड़े की पर्यावरणीय संरचनाओं से बनाई जाएंगी।
🎭 जनजातीय संस्कृति का रंगीन प्रदर्शन
जशपुर की पहचान इसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति है। जम्बूरी 2025 में बघेल, उरांव, पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजातियों की लोककला, नृत्य और संगीत का प्रदर्शन होगा।
“छत्तीसगढ़ लोक रंग मंच” की ओर से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकार पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जशपुर की जीवनधारा को मंच पर उतारेंगे।
साथ ही, स्थानीय हस्तशिल्प और हर्बल उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिससे क्षेत्रीय कारीगरों को बाजार और पहचान मिलेगी।
🧗♂️ एडवेंचर और रोमांच का केंद्र बनेगा जशपुर
जशपुर का भौगोलिक स्वरूप एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए बेहद उपयुक्त है। इस बार जम्बूरी में रॉक क्लाइंबिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, ज़िपलाइनिंग, माउंटेन साइक्लिंग और क्वाड बाइकिंग जैसे रोमांचक आयोजन होंगे।
राज्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग इन गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय प्रशिक्षकों की टीम तैनात करेगा। विशेष रूप से युवाओं के बीच एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए “Explore Jashpur” अभियान चलाया जाएगा।
🍃 पर्यावरण संरक्षण पर विशेष सत्र
जशपुर जम्बूरी केवल उत्सव नहीं बल्कि पर्यावरण जागरूकता का मंच भी है। इस दौरान जलवायु परिवर्तन, जंगल संरक्षण और बायोडायवर्सिटी जैसे विषयों पर पैनल चर्चा और कार्यशालाएं होंगी।
राज्य वन विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञ मिलकर “ग्रीन जशपुर मिशन” का विज़न डॉक्युमेंट पेश करेंगे। इसमें स्थानीय युवाओं को “Eco Volunteer” के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना भी शामिल है।
🏕️ पर्यटन को नई पहचान
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने जशपुर को राज्य के प्रमुख पर्यटन सर्किट में शामिल किया है। विभाग ने पिछले वर्ष यहां के झरनों, गुफाओं और घाटियों को जोड़ते हुए “जशपुर नेचर ट्रेल” का विकास शुरू किया था, जिसे इस जम्बूरी में औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने कहा, “जशपुर अब केवल एक हिल स्टेशन नहीं रहेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ का इको-एडवेंचर हब बनेगा। हमारा लक्ष्य यहां स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है।”
🚌 देशभर से पर्यटकों के लिए विशेष सुविधा
आयोजकों ने बताया कि जम्बूरी में आने वाले पर्यटकों के लिए स्पेशल टूर पैकेज और बस कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी। रायपुर, अंबिकापुर और रांची से सीधी बस और कैब सेवाएं शुरू की जाएंगी।
इसके अलावा, नजदीकी रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डे से मुफ्त शटल सेवा दी जाएगी।
जशपुर जिले में होमस्टे और टेंट सिटी की व्यवस्था भी की गई है, जिससे पर्यटक स्थानीय जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।
🎨 स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर
जशपुर जम्बूरी 2025 न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगा। आयोजन में 500 से अधिक स्थानीय युवाओं को विभिन्न जिम्मेदारियों जैसे टूर गाइड, सुरक्षा, खाद्य प्रबंधन, हैंडीक्राफ्ट बिक्री और सांस्कृतिक समन्वयक के रूप में जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार का कहना है कि यह मॉडल भविष्य में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
🌏 डिजिटल प्रमोशन और ग्लोबल फोकस
इस वर्ष का आयोजन डिजिटल रूप से भी चर्चित रहेगा। छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग ने “#JashpurJamboree2025” नाम से सोशल मीडिया अभियान शुरू किया है।
यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर इस आयोजन के लिए वर्चुअल टूर और लाइव इवेंट स्ट्रीमिंग की जाएगी, जिससे दुनिया भर के लोग जशपुर की सुंदरता का अनुभव कर सकें।
🕊️ निष्कर्ष
“जशपुर जम्बूरी 2025” न सिर्फ एक सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रम है, बल्कि यह प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का त्रिवेणी संगम है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की नई पहचान गढ़ रहा है — एक ऐसा प्रदेश जो विकास के साथ पर्यावरण और संस्कृति को भी समान सम्मान देता है।
राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि जशपुर जल्द ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए सस्टेनेबल एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बनेगा।







