कछिया पंचायत ने बाल हितैषी पहल से प्रदेश में कीर्तिमान बनाया, बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार कर आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाल हितैषी पंचायत की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करते हुए कछिया पंचायत ने प्रदेश स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देते हुए पंचायत ने एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है।
जानकारी के अनुसार, कछिया पंचायत ने बच्चों के समग्र विकास के लिए कई अभिनव पहल की हैं। यहां आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त किया गया है, स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए हैं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है।
पंचायत द्वारा बाल संरक्षण और पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है। कुपोषण से निपटने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए अभिभावकों के साथ संवाद भी किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कछिया पंचायत का यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक है। इससे यह साबित होता है कि स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयासों से बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पंचायत की पहल से बच्चों के स्कूल जाने की संख्या बढ़ी है और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी अधिक लोगों तक पहुंच रहा है। इससे पूरे गांव का वातावरण सकारात्मक हुआ है।
अधिकारियों ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि बाल हितैषी पंचायत का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें बेहतर भविष्य देना है। कछिया पंचायत ने इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया है।
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ में बाल विकास और पंचायत स्तर पर सुशासन का एक सफल उदाहरण बनकर सामने आई है, जो अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।








