मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल में नई सुविधाओं, आधुनिक उपकरणों और उन्नत सेवाओं के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हुई। मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल रहा है।
मनेंद्रगढ़। उत्तरी छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल राज्य सरकार की सक्रिय पहल और स्वास्थ्य विभाग के निरंतर प्रयासों से और अधिक सशक्त हो रहा है। अस्पताल में बीते महीनों में कई नई सुविधाएँ जोड़ी गई हैं, जिससे मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार आया है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह अस्पताल एक प्रमुख स्वास्थ्य आधार बनकर उभर रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नई मशीनें, आधुनिक तकनीक और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। लेबोरेटरी सेवाओं को मजबूत करते हुए कई तरह की जांच अब स्थानीय स्तर पर संभव हो पाई हैं, जो पहले जिले से बाहर करानी पड़ती थीं। इससे मरीजों को समय और पैसे, दोनों की बचत हो रही है।
ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं में भी सुधार किया गया है। मरीजों के बढ़ते दबाव को देखते हुए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। अस्पताल में बेड क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ वॉर्डों का नवीनीकरण भी किया गया है, जिससे मरीजों के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत प्रसूति कक्ष को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है, जिससे जटिल प्रसव भी सुरक्षित तरीके से हो सकें। नवजात शिशुओं के लिए विशेष देखभाल इकाई (SNCU) को उन्नत किया गया है।
प्रशासन ने बताया कि मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।
अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे सरकारी सुविधाओं का सही लाभ उठा सकें। आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मरीजों को कैशलेस उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल में नई एक्स-रे मशीन, अल्ट्रासाउंड सुविधा, डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम और दवाई वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ई-हॉस्पिटल सिस्टम लागू किया गया है। इससे मरीजों की पंजीयन प्रक्रिया तेज हुई है और रिपोर्ट प्राप्त करने में होने वाली देरी कम हुई है।
मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल में हुए सुधारों की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि इन बदलावों से लोगों का भरोसा बढ़ा है और अब वे बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण इलाज प्राप्त कर पा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि आने वाले समय में अस्पताल में कुछ और आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी, जिनमें डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक विस्तार और ICU इकाई का उन्नयन शामिल है। विभाग का लक्ष्य मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल को क्षेत्र का एक पूर्ण विकसित स्वास्थ्य केंद्र बनाना है।
निरंतर सुधारों के कारण मनेंद्रगढ़ सिविल अस्पताल अब सीमांत और ग्रामीण मरीजों के लिए आशा का केंद्र बन गया है। बेहतर उपचार, आधुनिक सुविधाएँ और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता ने स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को नई दिशा दी है।








