रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की “मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना” के तहत प्रदेशभर में 2300 से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। सामूहिक विवाह कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता और सामाजिक सहयोग प्रदान किया गया। इस पहल को सामाजिक समरसता और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रमों में पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराए गए। विवाह समारोहों में सामाजिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विवाह संबंधी खर्चों से राहत प्रदान करना है। योजना के माध्यम से पात्र जोड़ों को आर्थिक सहायता के साथ घरेलू उपयोग की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को काफी मदद मिल रही है।
अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। विवाह स्थल पर भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही।
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से सामाजिक कुरीतियों को कम करने और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है। इससे दहेज प्रथा जैसी समस्याओं पर भी नियंत्रण संभव हो रहा है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत हो रही है।
नवविवाहित जोड़ों ने सरकार की इस पहल पर खुशी जताई। कई परिवारों ने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह की व्यवस्था करना कठिन हो रहा था, लेकिन योजना के माध्यम से उन्हें बड़ी राहत मिली। लोगों ने इसे गरीब परिवारों के लिए उपयोगी और सराहनीय योजना बताया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजना के प्रति लोगों का रुझान बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता मिलने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी बढ़ावा मिल रहा है।
प्रदेशभर में आयोजित इन सामूहिक विवाह समारोहों ने सामाजिक सद्भाव और सामूहिक सहयोग का संदेश दिया। सरकार की यह योजना जनकल्याण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।








