छत्तीसगढ़ में पुष्प खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ी है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को विविधता देने के लिए पुष्प (फूल) खेती एक बड़ा विकल्प बनकर उभर रही है। जहां पहले खेतों में सिर्फ धान की फसल दिखाई देती थी, वहीं अब रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू भी बिखरने लगी है। राज्य सरकार की योजनाओं और उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन से पुष्प खेती अपनाने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
फूलों की खेती को लेकर किसानों में उत्साह इसलिए भी है क्योंकि यह कम समय में बेहतर आर्थिक लाभ प्रदान करती है। गेंदा, गुलाब, जरबेरा, रजनीगंधा और ग्लैडियोलस जैसी व्यावसायिक फूल फसलें बाजार में अच्छी कीमत दिला रही हैं। ये फूल न केवल स्थानीय बाजारों में बिक रहे हैं, बल्कि राज्य के बाहर भी भेजे जा रहे हैं।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुष्प खेती के लिए अनुदान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। पॉलीहाउस, ड्रिप सिंचाई और उन्नत प्रजातियों के उपयोग से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। किसान पारंपरिक खेती की तुलना में फूलों से अधिक लाभ कमा रहे हैं।
कई जिलों में किसानों ने अपने खेतों के एक हिस्से में पुष्प खेती शुरू की और सफल होने के बाद अब बड़े पैमाने पर इसका विस्तार कर रहे हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। खेती, तुड़ाई, पैकिंग और विपणन जैसे कामों में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं।
किसानों का कहना है कि फूलों की नियमित मांग रहने से आय का स्थायी स्रोत बना हुआ है। इसके साथ ही मंदिरों, आयोजनों, सजावट और उत्सवों में फूलों की खपत बढ़ने से बाजार का दायरा लगातार विस्तार पा रहा है। इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
पुष्प खेती से किसानों की जीवनशैली में भी बदलाव आया है। कई किसानों ने अपने घरों का निर्माण, बच्चों की पढ़ाई और आधुनिक खेती में निवेश करना शुरू किया है। इस बदलाव से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसान उद्यानिकी और पुष्प खेती से जुड़े, ताकि कृषि पर निर्भर परिवारों की आय में स्थायी सुधार हो। प्रशिक्षण शिविरों, फील्ड डेमो और वित्तीय सहायता के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पुष्प खेती ने यह साबित किया है कि यदि सही मार्गदर्शन और तकनीक मिले, तो पारंपरिक खेती से इतर भी बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। छत्तीसगढ़ के खेत अब खुशबू की नई फसल से महक रहे हैं और किसानों की तकदीर वास्तव में बदल रही है।








