मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक समरसता, विकास और जनकल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
रायपुर। रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार संत बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों और विचारों को अपनाते हुए समाज के समग्र विकास की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को एक नई दिशा दी, जिसे आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत गुरु घासीदास जी का जीवन और उनके सिद्धांत आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने के लिए सरकार कई योजनाओं और पहल के माध्यम से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में सरकार लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि समाज के हर वर्ग को समान अवसर मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समाज में समानता और सद्भाव का जो संदेश दिया था, वही सरकार की नीतियों का आधार है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा गुरु घासीदास जी के जीवन से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और लोगों को सादगी व सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी उनके विचारों की प्रासंगिकता बनी हुई है और सरकार इन्हीं मूल्यों को ध्यान में रखते हुए जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है।
इस अवसर पर कई सामाजिक नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संत गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आगे बढ़ाने से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकार द्वारा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के प्रयास सराहनीय हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और उनके सहयोग से ही प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें संत गुरु घासीदास जी के जीवन और संदेशों को प्रदर्शित किया गया। लोगों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए उनके विचारों को याद किया और समाज में सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि संतों और महापुरुषों के विचारों को समाज और शासन की नीतियों से जोड़ना सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मदद करता है। इससे लोगों के बीच सकारात्मक संदेश जाता है और समाज में एकता की भावना मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और बाबा गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलते हुए प्रदेश को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने सभी से सामाजिक एकता और सद्भाव बनाए रखने की अपील की।






