पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री सिंह ने रायपुर में मनरेगा और एनआरएलएम कार्यों का निरीक्षण कर गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री सिंह ने जिले में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।
कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान सचिव श्री सिंह ने मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों, जल संरक्षण संरचनाओं और रोजगार सृजन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयसीमा में पूर्ण किए जाएं, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
आजीविका संवर्धन पर फोकस
एनआरएलएम के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे आजीविका संबंधी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं। उन्होंने समूहों को बाजार से जोड़ने और आयवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
पारदर्शिता और जवाबदेही के निर्देश
सचिव श्री सिंह ने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। हितग्राहियों को समय पर मजदूरी भुगतान, सामग्री की उपलब्धता और तकनीकी सहायता मिलना अनिवार्य है।
ग्रामीणों से किया संवाद
निरीक्षण के दौरान सचिव ने लाभार्थियों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। ग्रामीणों ने रोजगार मिलने और आजीविका गतिविधियों से आय बढ़ने की जानकारी दी।
नियमित निगरानी के निर्देश
सचिव श्री सिंह ने कहा कि मनरेगा और एनआरएलएम जैसी योजनाएं ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित निरीक्षण और समीक्षा आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला पंचायत के अधिकारी, विकासखंड स्तर के कर्मचारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।









