रायपुर की उरला पुलिस ने 4 मई, 2026 को अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी सालिकराम जगत को विशाल कॉलोनी, डेरा पारा रोड क्षेत्र से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 45 पाव शोले देसी मदिरा जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 4,500 रुपये बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत की गई है, जो क्षेत्र में अवैध शराब व्यापार पर लगाम लगाने के पुलिस के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुलिस की प्रभावी कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

4 मई, 2026 की रात्रि में, थाना उरला पुलिस की एक टीम ने अवैध शराब की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अपने सघन अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की। पुलिस को गुप्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि विशाल कॉलोनी, डेरा पारा रोड क्षेत्र में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। यह क्षेत्र अक्सर ऐसी अवैध गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिना देर किए तत्काल उक्त स्थान पर दबिश दी और घेराबंदी की। इस दौरान, एचपी कॉलोनी उरला, थाना उरला, जिला रायपुर निवासी सालिकराम जगत (पिता बंसीलाल जगत, उम्र 42 वर्ष) को संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया, जो शराब की पेटियों को ले जा रहा था। जब पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली, तो उसके पास से अवैध रूप से रखी गई भारी मात्रा में शराब बरामद हुई। पुलिस ने बिना देर किए सालिकराम जगत को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया, जिससे अवैध शराब के इस कारोबार पर एक और प्रहार हुआ। यह कार्रवाई नॉर्थ जोन पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और क्षेत्र में कानून का राज स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
जब्त शराब का विवरण और कानूनी प्रावधान
गिरफ्तार आरोपी सालिकराम जगत के कब्जे से कुल 45 पाव शोले देसी मदिरा जब्त की गई है। बाजार में इन 45 पाव शराब की अनुमानित कीमत 4,500 रुपये बताई जा रही है। यह मात्रा व्यक्तिगत उपयोग के लिए अनुमत सीमा से काफी अधिक है, जो स्पष्ट रूप से अवैध व्यापार की ओर इशारा करती है और यह भी बताती है कि आरोपी बड़े पैमाने पर इस धंधे में संलिप्त था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना उरला में अपराध क्रमांक 176/26 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया है। आबकारी अधिनियम की यह धारा अवैध रूप से शराब का निर्माण, भंडारण, परिवहन या बिक्री करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करती है, जिसमें कारावास और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य राज्य में शराब के अवैध कारोबार को रोकना और राजस्व हानि को कम करना है, साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। जब्त की गई शराब को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रखा गया है, और मामले की गहन जांच जारी है। इस प्रकार की अवैध शराब अक्सर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है, क्योंकि इसमें गुणवत्ता नियंत्रण का अभाव होता है और कई बार जहरीले पदार्थों का मिश्रण भी पाया जाता है।
नॉर्थ जोन पुलिस का निरंतर अभियान और भविष्य की रणनीति
नॉर्थ जोन पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के विरुद्ध उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समाज में अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन से न केवल कानून-व्यवस्था बिगड़ती है, बल्कि कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। नशे की लत के कारण अपराधों में वृद्धि होती है, युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता है और परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, रायपुर पुलिस ने ऐसे अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है। यह अभियान केवल शराब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सभी प्रकार के अवैध मादक पदार्थों और गतिविधियों जैसे जुआ, सट्टा और अवैध हथियारों की तस्करी पर भी लागू होता है। पुलिस जनता से भी अपील कर रही है कि वे ऐसे किसी भी अवैध कार्य की सूचना पुलिस को दें, ताकि समाज को अपराध मुक्त बनाया जा सके और एक सुरक्षित वातावरण तैयार हो सके। भविष्य में भी, थाना उरला और नॉर्थ जोन पुलिस अपनी गश्त और खुफिया तंत्र को और मजबूत करेगी ताकि अपराधियों को किसी भी प्रकार की छूट न मिल सके और वे कानून की गिरफ्त से बच न पाएं। यह प्रतिबद्धता क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।








