LIVE शुक्रवार, 8 मई 2026
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राजनीतिक

थलपति विजय की TVK का तमिलनाडु में ऐतिहासिक प्रदर्शन, प्रचंड जीत

अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय, जिन्हें लोकप्रिय रूप से ‘थलपति’ के नाम से जाना जाता है, और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में एक अभूतपूर्व और धमाकेदार जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पार्टी ने 96 सीटें जीती हैं और 11 अन्य सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जिससे वह अपने प्रतिद्वंद्वियों द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (ADMK) से काफी आगे निकल गई है। यह उल्लेखनीय प्रदर्शन, सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में अकेले चुनाव लड़ने की TVK की रणनीति का परिणाम है, जिसने राज्य की राजनीतिक गतिशीलता को पूरी तरह से बदल दिया है। स्वयं थलपति विजय ने पेरंबूर और तिरुचि पूर्व दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और इन दोनों सीटों पर भारी अंतर से आगे चल रहे हैं।

टीवीके की धमाकेदार जीत

तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए, तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी पहली चुनावी लड़ाई में ही शानदार सफलता हासिल की है। दिन की शुरुआत में पार्टी की बढ़त में कुछ गिरावट देखी गई थी, लेकिन TVK ने जल्द ही अपनी स्थिति मजबूत कर ली और DMK तथा ADMK जैसे स्थापित दलों को पीछे छोड़ दिया। इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है, बल्कि मतदाताओं के बीच थलपति विजय की लोकप्रियता और उनकी पार्टी की जमीनी स्तर पर पकड़ को भी साबित किया है। TVK की जीत इतनी प्रभावशाली रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं विजय की पार्टी को उसके “प्रभावशाली प्रदर्शन” के लिए बधाई दी। उन्होंने तमिलनाडु के उन लोगों के प्रति भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने NDA का समर्थन किया। TVK ने सभी 234 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का साहसिक निर्णय लिया था, जो उसकी आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

विजय का राजनीतिक उदय और रणनीति

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सी. जोसेफ विजय ने 2 फरवरी, 2024 को तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) की स्थापना की थी, और उनकी पार्टी को 8 सितंबर, 2024 को भारत के चुनाव आयोग (ECI) द्वारा आधिकारिक तौर पर पंजीकृत किया गया था। अपनी स्थापना के शुरुआती दिनों से ही, विजय ने TVK को आधुनिक द्रविड़ सिद्धांतों पर आधारित बताया है। उन्होंने दावा किया कि केवल उनकी पार्टी में ही “बुराई की ताकत” (DMK) और “भ्रष्ट ताकत” से मुकाबला करने की हिम्मत है। विजय ने DMK को “बुराई की ताकत” और BJP को “वैचारिक विरोधी” बताया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि वह इस साल सत्ता में आकर प्रतिष्ठित अभिनेता और AIADMK के महान नेता एम.जी. रामचंद्रन की तरह अपनी सफलता की कहानी लिखेंगे। TVK की एकल रणनीति के संदर्भ में, विजय ने पहले कहा था कि वह विधानसभा चुनावों को “लोकतांत्रिक लड़ाई” मानते हैं, न कि केवल एक चुनावी लड़ाई। उन्होंने जोर देकर कहा था, “TVK की यह ताकत तब भी जीतेगी जब हमारे साथ कोई मित्र शक्ति (गठबंधन) नहीं होगी।” BJP के साथ गठबंधन की अफवाहों के बावजूद, TVK ने स्पष्ट रूप से भगवा पार्टी के साथ जुड़ने से इनकार कर दिया था। TVK के महासचिव आधाव अर्जुन ने यह भी दावा किया था कि विजय को एक पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ 50 प्रतिशत विधानसभा सीटों की पेशकश की गई थी, लेकिन TVK प्रमुख ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। राजनीतिक रणनीतिकार निरंजन रमेश बाबू ने पहले कहा था कि “विजय एक शेर, मुख्य चेहरा, भविष्य के राजनीतिक नेता बनना चाहते हैं।”

प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 एक तीव्र त्रिकोणीय मुकाबला था जिसमें TVK, द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्य दावेदार थे। DMK और ADMK जैसे दशकों पुराने, स्थापित क्षेत्रीय दलों के गढ़ में, TVK का यह प्रदर्शन वाकई असाधारण है। TVK ने न केवल इन शक्तिशाली दलों की चुनौतियों का सामना किया, बल्कि उन्हें पीछे छोड़कर एक स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रही है। राज्य में DMK और ADMK का दशकों से वर्चस्व रहा है, ऐसे में एक नई पार्टी का इतनी बड़ी संख्या में सीटें जीतना तमिलनाडु के मतदाताओं के बीच बदलाव की इच्छा और थलपति विजय की अपील को दर्शाता है। यह परिणाम न केवल TVK के लिए एक जीत है, बल्कि यह पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को चुनौती देने वाले नए चेहरों और पार्टियों के लिए भी एक मिसाल कायम करता है।

आगे की राह और चुनौतियाँ

TVK की इस शानदार जीत के साथ, थलपति विजय तमिलनाडु की राजनीति में एक केंद्रीय भूमिका में उभरे हैं। यह जीत उनके लिए सत्ता संभालने और अपने चुनावी वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी लेकर आई है। 23 अप्रैल, 2026 को एकल चरण में हुए मतदान में 85.10 प्रतिशत का उच्च मतदान दर्ज किया गया था, जिसमें विजय के चुनाव क्षेत्र चेन्नई के पेरंबूर में 89.74 प्रतिशत मतदान हुआ था। यह उच्च मतदान लोगों की राजनीतिक प्रक्रिया में गहरी भागीदारी और बदलाव की उम्मीदों को दर्शाता है। अब विजय और उनकी पार्टी के सामने चुनौती होगी कि वे अपनी लोकप्रियता को प्रभावी शासन में बदलें, राज्य के विकास को गति दें और उन आकांक्षाओं को पूरा करें जिनके लिए मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया है। TVK को अब प्रशासन के विभिन्न पहलुओं, जैसे आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय, जो अब तक एक सफल अभिनेता रहे हैं, एक सफल प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका को कैसे निभाते हैं और तमिलनाडु को एक नई दिशा देते हैं।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.