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छत्तीसगढ़

श्री रामलला दर्शन योजना’ ने पार किया 22,000 श्रद्धालुओं का आंकड़ा — रायपुर से विशेष ट्रेन रवाना, मुख्यमंत्री साय ने दी शुभकामनाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ ने आस्था और जनसहभागिता की एक नई मिसाल कायम की है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 22,000 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। इसी कड़ी में रायपुर रेलवे स्टेशन से 850 श्रद्धालुओं को लेकर एक और विशेष ट्रेन सोमवार को रवाना हुई।

इस पवित्र यात्रा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी यात्रा को मंगलमयी बनाने की प्रार्थना की।

श्रीराम के दर्शन की ऐतिहासिक योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने हर नागरिक को प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर देने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मार्च 2024 तक 20,000 श्रद्धालुओं को अयोध्या भेजने का लक्ष्य था, जो जनता की आस्था और सरकार की प्रतिबद्धता के चलते 22,100 से अधिक तक पहुँच चुका है।

योजना के अंतर्गत यात्रियों को काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन कराने की भी व्यवस्था की गई है, जिससे यह यात्रा एक धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव बन चुकी है।

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36 करोड़ का बजट और 27 ट्रेनें
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ₹36 करोड़ का बजट इस योजना हेतु स्वीकृत किया गया है। अभी तक राज्य के विभिन्न संभागों से कुल 27 विशेष ट्रेनें अयोध्या के लिए रवाना की जा चुकी हैं। यह योजना विशेष रूप से बुज़ुर्गों, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए निःशुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान कर रही है।
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रायपुर स्टेशन पर धार्मिक उत्साह का माहौल
आज रवाना हुई ट्रेन रायपुर संभाग की इस वर्ष की पहली विशेष तीर्थयात्रा ट्रेन है। ट्रेन को राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने दोपहर 1:00 बजे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर 7 “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा।

यात्रियों का पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य और लोकवाद्य के साथ स्वागत किया गया। IRCTC प्रतिनिधियों ने तिलक लगाकर और माला पहनाकर यात्रियों का सम्मान किया।

जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहिब, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, सचिव संस्कृति एवं पर्यटन डॉ. रोहित यादव, पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह, और रेलवे व IRCTC के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

जनकल्याण और सांस्कृतिक चेतना की योजना
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस योजना को केवल धार्मिक यात्रा न मानते हुए इसे राज्य की सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने वाली पहल बताया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक, खासकर बुज़ुर्ग, निर्धन और पिछड़े वर्ग के लोग, अपने जीवन में कम-से-कम एक बार प्रभु श्रीराम के जन्मस्थल अयोध्या के दर्शन कर सकें।

योजना का इतिहास और प्रगति
इस योजना की औपचारिक शुरुआत 5 मार्च 2024 को हुई थी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं पहली ट्रेन को रवाना किया था। इसके पूर्व 23 फरवरी 2024 को छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और IRCTC के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर हुए थे।
तब से अब तक रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और दुर्ग-बस्तर जैसे संभागों से विशेष ट्रेनें संचालित हो चुकी हैं। योजना के तहत प्रत्येक संभाग से साप्ताहिक तीर्थयात्रा ट्रेनें चलाई जा रही हैं।

श्रद्धालुओं में उत्साह और आभार
ट्रेन में रवाना हो रहे श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखने को मिला। अधिकतर बुज़ुर्गों ने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री साय और प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार जताया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह उनके जीवन की पहली तीर्थ यात्रा है, जिसे वह कभी नहीं भूलेंगे।

निष्कर्ष
‘श्री रामलला दर्शन योजना’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक ऐसी पहल है, जिसने आस्था को सशक्त योजना और व्यवस्था से जोड़ा है। यह योजना केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, बुज़ुर्गों के सम्मान, और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की एक जीवंत मिसाल बन चुकी है।

आगामी महीनों में योजना के अंतर्गत और अधिक संभागों से यात्राएं जारी रहेंगी, जिससे लाखों लोगों को अयोध्या के श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।

Rana Sikander
लेखक: Rana Sikander

Versatile journalist with experience in conducting in-depth interviews, analyzing complex data, and producing compelling narratives.