रायपुर में सिंधी काउंसिल के ‘सैल्यूट टू सोल्जर’ कार्यक्रम में 12 रिटायर्ड सैनिकों का सम्मान, देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मॉल गूंजा।
रायपुर । शहर के मैग्नेटो मॉल में सिंधी काउंसिल की ओर से आयोजित ‘सैल्यूट टू सोल्जर’ कार्यक्रम में देशभक्ति का रंग छा गया। इस अवसर पर सीमा पर तैनात रह चुके 12 रिटायर्ड सैनिकों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल इन वीर सैनिकों को सम्मानित करना था बल्कि आम जनता में देशभक्ति और सुरक्षा बलों के योगदान के प्रति जागरूकता पैदा करना भी था।
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कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देशभक्ति गीतों के साथ हुई। मैग्नेटो मॉल में उपस्थित दर्शक सैनिकों के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए भावुक हो उठे।
सिंधी काउंसिल के प्रमुख ने कहा,
“हमारा यह प्रयास है कि हमारे वीर जवानों के योगदान को सम्मान मिले और नई पीढ़ी में देशभक्ति की भावना मजबूत हो।”
रिटायर्ड सैनिकों का सम्मान
इस अवसर पर सम्मानित 12 रिटायर्ड सैनिकों में सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के पूर्व जवान शामिल थे। उन्हें सामरिक योगदान और देश के प्रति उनके समर्पण के लिए विशेष प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह और सम्मानित माला प्रदान की गई।
सैनिकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनाती किस हद तक चुनौतीपूर्ण होती है। उनके किस्से और संघर्ष कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने।
देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए सैनिकों के बलिदान और देशभक्ति का महत्व प्रदर्शित किया गया। बच्चों और युवाओं ने भी गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया।
एक युवा उपस्थित ने कहा,
“इस कार्यक्रम ने मुझे अपने सैनिकों के बलिदान को समझने और देशभक्ति की भावना को महसूस करने का अवसर दिया।”
आयोजकों का संदेश
सिंधी काउंसिल ने इस कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि देशभक्ति केवल सैनिकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक को अपने देश के लिए योगदान देना चाहिए।
काउंसिल के सचिव ने कहा,
“रिटायर्ड सैनिकों का अनुभव और साहस नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। हमें उन्हें सिर्फ सम्मान देना ही नहीं, बल्कि उनकी कहानियों को आगे भी साझा करना चाहिए।”
सामाजिक और भावनात्मक प्रभाव
कार्यक्रम ने न केवल सैनिकों को सम्मानित किया बल्कि नागरिकों और युवाओं में देशभक्ति और सुरक्षा बलों के योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाई।
उपस्थित लोग भावुक होते हुए कहते नजर आए कि ऐसे कार्यक्रमों से युवा पीढ़ी में सैन्य सेवा के प्रति सम्मान और प्रेरणा उत्पन्न होती है।
भविष्य के प्रयास
सिंधी काउंसिल ने घोषणा की कि भविष्य में इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि सैनिकों के योगदान को व्यापक रूप से सराहा जा सके और युवा पीढ़ी को उनके अनुभवों से सीख लेने का अवसर मिले।
निष्कर्ष
रायपुर का यह कार्यक्रम दिखाता है कि स्थानीय संगठन और समाज मिलकर देशभक्ति और सैनिकों के योगदान को हमेशा याद रख सकते हैं। ‘सैल्यूट टू सोल्जर’ कार्यक्रम ने वीर सैनिकों का सम्मान करते हुए जनता में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया।






