राजधानी रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन बनाया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ का नया योजनाबद्ध शहरी विकास और आर्थिक इंजन बनेगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर और इसके आसपास के शहरी क्षेत्र अब एक नए रूप में उभरने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘स्टेट कैपिटल रीजन (SCR)’ की अवधारणा को मूर्त रूप देते हुए इसे राज्य का नया ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विधानसभा में इस आशय के विधेयक को पारित किए जाने के बाद SCR का गठन तेजी से आगे बढ़ा है। इसके अंतर्गत रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर जैसे प्रमुख शहरों को शामिल किया गया है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज पर योजनाबद्ध रूप से विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में यह पहल छत्तीसगढ़ में तेजी से होते शहरीकरण और जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए की गई है। इस नई संरचना के माध्यम से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास, बेहतर आधारभूत संरचनाएं और नागरिकों को सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
SCR का क्षेत्रीय महत्व और विकास की परिकल्पना
छत्तीसगढ़ देश के भौगोलिक केंद्र में स्थित है, जो इसे उद्योग, व्यापार और आवागमन के लिए एक रणनीतिक स्थिति प्रदान करता है। SCR के गठन से इस क्षेत्र में मेट्रो कनेक्टिविटी, स्मार्ट सड़कों, बेहतर जल निकासी, हरित क्षेत्र, उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा केंद्र, वाणिज्यिक कॉरिडोर जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक SCR क्षेत्र की जनसंख्या 50 लाख के आंकड़े को पार कर जाएगी।
जनसंख्या के इस दबाव को देखते हुए योजनाबद्ध विकास की जरूरत को महसूस करते हुए राज्य सरकार ने SCR के अंतर्गत ‘राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (CRDA)’ के गठन का प्रस्ताव किया है। यह प्राधिकरण NCR, हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मॉडल पर आधारित होगा।
CRDA की संरचना और कार्य
राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे, जबकि इसमें आवास एवं पर्यावरण, नगरीय प्रशासन, लोक निर्माण विभाग के मंत्री, मुख्य सचिव, विभागीय सचिव और राज्य शासन द्वारा नामांकित चार विधायक तथा चार निर्वाचित प्रतिनिधि सदस्य होंगे। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इसके संयोजक होंगे।
CRDA का कार्य भूमि उपयोग की योजना, अधोसंरचना विकास, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक सुविधाओं का विस्तार, शहरी विस्तार के लिए निवेश प्रोत्साहन और विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा। यह संस्थान योजनाओं का निर्माण और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा।
इस प्राधिकरण के तहत एक कार्यकारी समिति का गठन भी होगा, जिसमें नगरीय प्रशासन, ग्राम निवेश, पर्यावरण, संपदा, वित्त, शहरी योजना तथा अभियंता वर्ग के अधिकारी एवं SCR क्षेत्र के सभी जिलों के कलेक्टर शामिल होंगे।

मेट्रो परियोजना और बुनियादी ढांचा विकास
राज्य सरकार ने SCR के प्रारंभिक विकास के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में 5 करोड़ रुपए डीपीआर और सर्वे हेतु आवंटित किए हैं। इसके अंतर्गत रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सुविधा के लिए सर्वे कार्य को प्राथमिकता दी गई है। इससे इस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नया आयाम मिलेगा और यातायात दबाव को कम किया जा सकेगा।
राजधानी क्षेत्र के लिए विशेष “राजधानी क्षेत्र विकास निधि” का भी गठन किया जाएगा। इसके अंतर्गत एक पुनरावृत्ति निधि भी होगी, जो विशेष उपकरों से वित्त पोषित की जाएगी। प्राधिकरण को विशेष कर लगाने, वार्षिक बजट तैयार करने और राज्य सरकार को वार्षिक योजना एवं प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का भी अधिकार होगा।
योजनाबद्ध और हरित विकास की दिशा में बड़ा कदम
SCR का उद्देश्य सिर्फ भौतिक विकास नहीं, बल्कि हरित और पर्यावरण-संतुलित शहरीकरण को भी बढ़ावा देना है। इस क्षेत्र में हरियाली, जल संचयन, ऊर्जा संरक्षण, स्मार्ट सिटी तकनीक और टिकाऊ नागरिक सेवाओं पर विशेष बल दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि SCR का विकास राज्य के लिए आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, निवेश को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में कदम रख सकेगा।










