LIVE बुधवार, 13 मई 2026
Advertisement Vastu Guruji
छत्तीसगढ़

एशिया के नियाग्रा चित्रकोट में बिखरेगी बस्तर की सांस्कृतिक छटा, 18 फरवरी से चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन

18 फरवरी से चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन, एशिया के नियाग्रा चित्रकोट जलप्रपात पर बस्तर की लोकसंस्कृति, कला और पर्यटन की अनूठी छटा बिखरेगी।

बस्तर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात में 18 फरवरी से चित्रकोट महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन होने जा रहा है। एशिया के नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध यह जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अब सांस्कृतिक और पर्यटन गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। इस महोत्सव के माध्यम से बस्तर की समृद्ध परंपरा, लोक संस्कृति और जनजातीय कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की तैयारी की गई है।

आयोजकों के अनुसार, चित्रकोट महोत्सव में लोकनृत्य, लोकसंगीत, जनजातीय कला प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजनों की विशेष झलक देखने को मिलेगी। बस्तर के विभिन्न गांवों से कलाकार और कारीगर इस आयोजन में हिस्सा लेंगे, जिससे स्थानीय संस्कृति को मंच मिलेगा। महोत्सव के दौरान पर्यटकों के लिए एडवेंचर गतिविधियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

प्रशासन ने बताया कि महोत्सव को लेकर चित्रकोट क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए आवागमन, सुरक्षा, पार्किंग और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। जलप्रपात के आसपास सजावट और प्रकाश व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे रात के समय भी पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। होटल, होमस्टे, हस्तशिल्प बाजार और परिवहन सेवाओं से जुड़े लोगों को भी इस महोत्सव से लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

विज्ञापन
Advertisement

चित्रकोट महोत्सव के दौरान बस्तर की पारंपरिक नृत्य शैलियां, जैसे गोंडी और मुरिया नृत्य, पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और वन उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। आयोजकों का कहना है कि इस महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करना भी है।

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चित्रकोट जलप्रपात पहले से ही देश-विदेश के पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। महोत्सव के आयोजन से यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस आयोजन को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों में महोत्सव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई ग्रामीणों और कलाकारों ने कहा कि यह आयोजन उन्हें अपनी कला और परंपराओं को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर देता है। पर्यटकों के लिए भी यह बस्तर की संस्कृति को करीब से जानने का सुनहरा मौका होगा।

चित्रकोट महोत्सव-2026 न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि छत्तीसगढ़ को पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एशिया के नियाग्रा की प्राकृतिक छटा और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत का संगम इस महोत्सव को खास बनाने जा रहा है।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.