रायपुर में योग कार्यक्रम में श्री रूपनारायण सिन्हा ने कहा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य जरूरी, योग से युवा वर्ग मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बन सकता है।
रायपुर। युवाओं को स्वस्थ और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक कार्यक्रम में वक्ताओं ने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर श्री रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग युवाओं के लिए संतुलित जीवन का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि केवल शैक्षणिक सफलता ही नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी युवाओं के समग्र विकास के लिए जरूरी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं को योगाभ्यास के विभिन्न आसनों और प्राणायाम के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योग से एकाग्रता बढ़ती है, तनाव कम होता है और शारीरिक क्षमता में सुधार आता है। श्री सिन्हा ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने से छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में युवा वर्ग डिजिटल दुनिया और प्रतिस्पर्धा के दबाव में मानसिक तनाव का सामना कर रहा है। ऐसे में योग और ध्यान उन्हें संतुलित और सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएं।
कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने योगाभ्यास में भाग लिया और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित व्यायाम और संतुलित आहार के साथ योग अपनाने से जीवनशैली संबंधी कई समस्याओं से बचा जा सकता है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ जीवन के प्रति प्रेरित करना है।
श्री रूपनारायण सिन्हा ने कहा कि स्वस्थ युवा ही देश और समाज के विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर योग शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान और खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की बात कही। कई छात्रों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से उनकी पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ी है और तनाव कम हुआ है। आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि योग केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन का माध्यम भी है। यदि युवाओं को बचपन से ही योग की आदत डाली जाए, तो वे स्वस्थ और आत्मविश्वासी बन सकते हैं। कार्यक्रम का समापन सामूहिक योगाभ्यास और स्वास्थ्य जागरूकता संदेश के साथ हुआ।
रायपुर में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को यह संदेश देने में सफल रहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य एक-दूसरे के पूरक हैं। योग के माध्यम से युवा वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।







