रायपुर राजभवन के दरबार हॉल का नाम बदलकर ‘छत्तीसगढ़ मण्डपम’ किया गया। यह निर्णय राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को सम्मान देने की ऐतिहासिक पहल है।
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी रायपुर स्थित राजभवन के दरबार हॉल का नाम बदलकर अब “छत्तीसगढ़ मण्डपम” कर दिया गया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। यह निर्णय छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को और सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
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नाम परिवर्तन का उद्देश्य
राजभवन के दरबार हॉल का नाम बदलने के पीछे मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और पहचान को राष्ट्रीय पटल पर और मजबूती से स्थापित करना है। दरबार हॉल लंबे समय से राजभवन का प्रमुख भाग रहा है, जहां महत्वपूर्ण कार्यक्रम और स्वागत समारोह आयोजित होते रहे हैं। अब इसका नाम “छत्तीसगढ़ मण्डपम” रखे जाने से यह राज्य की विरासत और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बनेगा।
राज्यपाल का संबोधन
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा:
“यह नाम परिवर्तन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मा और पहचान को आगे बढ़ाने का प्रयास है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, कला और लोक परंपराएं विश्वभर में अनोखी हैं। छत्तीसगढ़ मण्डपम इन्हीं मूल्यों का दर्पण बनेगा।”
मुख्यमंत्री की उपस्थिति और विचार
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राजभवन का यह निर्णय छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा:
“छत्तीसगढ़ मण्डपम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यहां होने वाले आयोजन अब केवल सरकारी औपचारिकता नहीं रहेंगे, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान का जश्न होंगे।”
इतिहास और महत्व
दरबार हॉल वर्षों से राजभवन का अहम हिस्सा रहा है। यहां पर
- स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों पर स्वागत समारोह,
- राजकीय स्तर के सम्मान समारोह,
- और विशेष बैठकों का आयोजन होता रहा है।
अब इसका नाम बदलकर छत्तीसगढ़ मण्डपम करना राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को और मजबूत करने की पहल है।
जनभागीदारी और प्रतिक्रियाएं
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
- सामाजिक संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया।
- कला और संस्कृति से जुड़े लोगों ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और परंपराओं को और बढ़ावा मिलेगा।
- आम नागरिकों ने भी गर्व व्यक्त किया कि अब राजभवन का यह ऐतिहासिक स्थल सीधे राज्य की पहचान से जुड़ा रहेगा।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। लोक कलाकारों ने पंथी नृत्य और राउत नाचा की प्रस्तुति दी, जिसने वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। साथ ही, बच्चों ने स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित नाट्य मंचन किया, जिसे खूब सराहा गया।
भविष्य की योजना
राज्य सरकार और राजभवन प्रशासन ने संकेत दिया कि छत्तीसगढ़ मण्डपम को आगे चलकर सांस्कृतिक आयोजनों, सम्मान समारोहों और शैक्षणिक चर्चाओं का प्रमुख स्थल बनाया जाएगा। इससे यह न केवल सरकारी भवन का हिस्सा रहेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत केंद्र भी बनेगा।
निष्कर्ष
रायपुर राजभवन के दरबार हॉल का नाम बदलकर छत्तीसगढ़ मण्डपम किया जाना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और संस्कृति को और मजबूती से स्थापित करने का ऐतिहासिक कदम है।









