राजभवन में 79वें स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर गुरुचरण होरा ने राज्यपाल, मुख्यमंत्री और नेताओं से भेंटकर शुभकामनाएं दीं, सामाजिक और औद्योगिक सहयोग पर भी हुई चर्चा।
रायपुर। 79वें स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर राजभवन में एक विशेष मुलाकात और शुभकामना आदान-प्रदान का आयोजन हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योगपति और समाजसेवी गुरुचरण होरा ने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद बृजमोहन अग्रवाल से भेंट की। उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए आभार प्रकट किया।
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मुलाकात का महत्व
राजभवन में हुई इस औपचारिक भेंट को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गुरुचरण होरा लंबे समय से सामाजिक कार्यों, शिक्षा और औद्योगिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उनकी इस उपस्थिति ने सामाजिक नेतृत्व और राजनीतिक नेतृत्व के बीच आपसी सहयोग और संवाद को और मजबूती दी।
नेताओं के साथ विचार-विमर्श
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक निवेश, शिक्षा और सामाजिक उत्थान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में औद्योगिक विकास और निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। वहीं, राज्यपाल रमेन डेका ने सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया।
गुरुचरण होरा का संदेश
गुरुचरण होरा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव नहीं बल्कि आत्मचिंतन का अवसर भी है। हमें यह याद रखना चाहिए कि हमारे पूर्वजों ने स्वतंत्रता पाने के लिए अपार संघर्ष किया है। आज हमारा कर्तव्य है कि हम विकास, शिक्षा और सामाजिक एकता की दिशा में मिलकर आगे बढ़ें।
सामाजिक और राजनीतिक संदेश
इस मुलाकात ने यह स्पष्ट किया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व केवल सरकारी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं रहते बल्कि समाज और नेतृत्व को एकजुट करने का भी अवसर बनते हैं। इस दौरान गुरुचरण होरा की उपस्थिति ने औद्योगिक और सामाजिक क्षेत्रों के बीच सामंजस्य का संदेश दिया।
उपस्थित गणमान्य
मुलाकात के दौरान राजभवन का वातावरण देशभक्ति और उत्साह से भरा हुआ था। राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी गुरुचरण होरा का स्वागत किया और उनके सामाजिक योगदान की सराहना की।
निष्कर्ष स्वरूप
79वें स्वतंत्रता दिवस की संध्या पर हुई यह मुलाकात न केवल शुभकामना आदान-प्रदान तक सीमित रही बल्कि यह राज्य के सामाजिक और औद्योगिक समन्वय की एक मिसाल भी बन गई।






