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छत्तीसगढ़

औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट कार्य के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिला ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड

औषधीय व सुगंधित पौधों की खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर कृषि नवाचार और वैकल्पिक खेती के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य के तीन जिलों को प्रतिष्ठित ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के किसानों द्वारा अपनाई गई आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रमाण माना जा रहा है।

इस उपलब्धि को राज्य में औषधीय और सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने वाली नीतियों और किसानों की मेहनत का संयुक्त परिणाम बताया जा रहा है। सम्मान मिलने के बाद कृषि विभाग और किसानों में उत्साह का माहौल है।

औषधीय खेती से बदली किसानों की आर्थिक स्थिति

औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती ने पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर किसानों को बेहतर आमदनी का रास्ता दिखाया है। लेमनग्रास, सिट्रोनेला, तुलसी, अश्वगंधा, कालमेघ और एलोवेरा जैसी फसलों की खेती से किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा मिल रहा है।

तीन जिलों का चयन क्यों खास

जिन तीन जिलों को यह अवॉर्ड मिला है, वहां किसानों ने बड़े पैमाने पर औषधीय पौधों की खेती अपनाई है। उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग, मार्केटिंग और वैल्यू एडिशन पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

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सरकारी योजनाओं का मिला लाभ

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी सहयोग ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। किसानों को बीज, तकनीक, बाजार से जोड़ने और प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे वे आधुनिक खेती की ओर अग्रसर हुए।

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की पहचान

‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड मिलने से छत्तीसगढ़ की पहचान औषधीय खेती के अग्रणी राज्यों में होने लगी है। यह सम्मान अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती से हटकर नवाचार की ओर प्रेरित करेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल

औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। प्रोसेसिंग यूनिट, तेल निष्कर्षण और विपणन से जुड़े कार्यों से स्थानीय स्तर पर आय के अतिरिक्त साधन विकसित हो रहे हैं।

भविष्य की खेती की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि औषधीय खेती भविष्य की सबसे लाभकारी और टिकाऊ कृषि पद्धतियों में से एक है। जल की कम आवश्यकता और बढ़ती बाजार मांग इसे किसानों के लिए आकर्षक विकल्प बनाती है।

किसानों के लिए प्रेरणा

अवॉर्ड मिलने के बाद सम्मानित जिलों के किसानों ने कहा कि यह सम्मान उनकी मेहनत और धैर्य का परिणाम है। इससे अन्य जिलों के किसान भी औषधीय खेती को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।

छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को मिला यह सम्मान राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की नवाचारी सोच को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करता है।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.