रायपुर में मंत्री राम विचार नेताम ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना हेतु भूमिपूजन कर उनके बलिदान को श्रद्धांजलि दी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के गौरव और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति को चिरस्थायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजधानी रायपुर में मंत्री श्री राम विचार नेताम ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री राम विचार नेताम ने शहीद वीर नारायण सिंह के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सामाजिक न्याय के मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगी।
शहीद वीर नारायण सिंह का ऐतिहासिक योगदान
मंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष कर जनहित और न्याय के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। उनका जीवन साहस, त्याग और सामाजिक चेतना की मिसाल है। प्रतिमा स्थापना से उनके विचारों और संघर्षों को जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने की पहल
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के महान सपूतों की स्मृति को सहेजने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रतिमा स्थापना से न केवल ऐतिहासिक विरासत को सम्मान मिलेगा, बल्कि सांस्कृतिक चेतना भी मजबूत होगी।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी प्रतिमा समाज को यह संदेश देगी कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और सत्य के मार्ग पर चलना ही सच्ची देशभक्ति है।
श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजन
भूमिपूजन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। वातावरण देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा।
सामाजिक समरसता का संदेश
मंत्री ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनकी प्रतिमा सामाजिक समरसता और न्याय के मूल्यों को मजबूत करेगी।
भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्मारक
प्रतिमा स्थापना स्थल को भविष्य में एक स्मारक के रूप में विकसित करने की योजना भी बताई गई, ताकि लोग उनके जीवन और योगदान से प्रेरणा ले सकें।
रायपुर में किया गया यह भूमिपूजन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के इतिहास और गौरव को सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








