रायपुर के विराज ने राष्ट्रीय अबेकस चैंपियनशिप में चौथा स्थान हासिल कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया। मेहनत, लगन और गणितीय प्रतिभा से मिली यह बड़ी सफलता।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। यहां के बाल प्रतिभागी विराज ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित अबेकस चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है।
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प्रतियोगिता का आयोजन
राष्ट्रीय अबेकस चैंपियनशिप का आयोजन इस वर्ष दिल्ली में हुआ, जिसमें देशभर से हजारों छात्रों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को सीमित समय में जटिल गणितीय सवालों को हल करना पड़ा। तेजी और शुद्धता का यह अनूठा मुकाबला बच्चों की मानसिक क्षमता और ध्यान केंद्रित करने की शक्ति को परखता है।
विराज की तैयारी
विराज ने इस प्रतियोगिता के लिए महीनों तक मेहनत की। रोजाना घंटों की प्रैक्टिस, मानसिक गणनाओं का अभ्यास और अभिभावकों व शिक्षकों का मार्गदर्शन उनकी सफलता का आधार बना। उनके शिक्षक का कहना है कि विराज शुरू से ही गणित के प्रति गहरी रुचि रखते थे और उनकी स्मरण शक्ति बेहद तेज है।
परिवार की खुशी
विराज की सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। उनके पिता ने कहा –
“हमारे लिए यह गर्व का क्षण है। बेटे ने न केवल हमारा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। हम चाहते हैं कि आने वाले समय में वह और भी ऊँचाइयाँ छुए।”
प्रतियोगिता का महत्व
अबेकस प्रतियोगिता बच्चों में गणितीय क्षमता के साथ-साथ आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की शक्ति विकसित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों को भविष्य में विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं।
मुख्यमंत्री का बधाई संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी विराज को शुभकामनाएं दीं और कहा कि छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने आशा जताई कि आने वाले वर्षों में और भी बच्चे शिक्षा और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित करेंगे।
स्कूल की प्रतिक्रिया
विराज के स्कूल में भी इस उपलब्धि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय और राज्य के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने अन्य छात्रों से भी विराज से प्रेरणा लेने और कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया।
राज्य की शैक्षिक छवि
यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शैक्षिक क्षमता का प्रमाण है। अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि छोटे राज्यों या शहरों के छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पिछड़ जाते हैं। विराज ने इस मिथक को तोड़ते हुए दिखाया कि प्रतिभा किसी क्षेत्र विशेष तक सीमित नहीं होती।
भविष्य की योजनाएं
विराज ने कहा कि वह आगे भी गणित और विज्ञान में अपना ध्यान केंद्रित रखेंगे। उनका सपना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वे छत्तीसगढ़ और भारत का नाम रोशन करें। उन्होंने अपने शिक्षकों और माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया।
समाज में संदेश
इस प्रतियोगिता की सफलता ने यह संदेश भी दिया है कि बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उनकी रुचियों और प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देनी चाहिए।







