अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार की पहल, श्रमिकों को रोजगार, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा संदेश।
रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सम्मान और उनके अधिकारों को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने “हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान” के मूल मंत्र के साथ कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
राज्य सरकार का फोकस असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, निर्माण मजदूरों, कृषि श्रमिकों और शहरी गरीब वर्ग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने पर है। इसके तहत श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, आवास, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि राज्य की प्रगति में श्रमिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है, इसलिए उनके कल्याण को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि श्रमिक वर्ग देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनके योगदान के बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार श्रमिकों को सिर्फ सहायता देने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर सशक्त करना चाहती है।
राज्य में श्रमिकों के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत पंजीकरण, बीमा सुरक्षा, मातृत्व लाभ और बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि श्रमिक आधुनिक तकनीकों के साथ कदम से कदम मिला सकें।
श्रमिक दिवस के मौके पर विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां श्रमिकों को सम्मानित किया जा रहा है और उनके योगदान को सराहा जा रहा है। यह पहल न केवल श्रमिकों का मनोबल बढ़ाने का काम करती है, बल्कि समाज में उनके प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करती है।
सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि श्रमिकों के बिना विकास संभव नहीं है, इसलिए उनके अधिकारों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। “हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान” का संकल्प केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य के विकास का आधार बनता जा रहा है।






