खरोरा में महिला समूहों ने नशामुक्ति अभियान की कमान संभालकर अवैध शराब पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाई, विधायक अनुज शर्मा ने उन्हें सम्मानित किया।
रायपुर/खरोरा। नशामुक्त समाज की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल नगर पंचायत खरोरा में देखने को मिल रही है, जहां महिला समूहों ने आगे बढ़कर ‘नशामुक्ति अभियान’ की कमान संभाल ली है। इस मुहिम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से अवैध शराब बिक्री और सार्वजनिक स्थलों पर मद्यपान करने वालों में हड़कंप मच गया है।
खरोरा के विभिन्न वार्डों में गठित महिला समूह लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उनकी इस पहल से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
महिलाओं की पहल बनी बदलाव की ताकत
इस अभियान के तहत महिलाएं अपने-अपने वार्डों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे न केवल अवैध शराब के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, बल्कि लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं।
महिला समूहों की सजगता और साहस ने इस अभियान को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ी है और लोगों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
विधायक अनुज शर्मा ने किया सम्मान
अभियान की सफलता और महिलाओं के साहस को देखते हुए विधायक अनुज शर्मा ने महिला समूहों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया।
इस दौरान उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “नशामुक्त समाज ही समृद्ध प्रदेश की नींव है। खरोरा की महिलाओं ने जिस जागरूकता और साहस के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया है, वह बेहद सराहनीय है।”
सामाजिक चेतना का प्रतीक बना अभियान
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि यह अभियान केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में जागरूकता और बदलाव का प्रतीक बन चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने अवैध शराब पर रोक लगाने का जो वादा किया था, वह अब महिला समूहों के सहयोग से साकार होता नजर आ रहा है।
नारी शक्ति की अहम भूमिका
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए नारी शक्ति की भागीदारी बेहद जरूरी है। “जब एक पुरुष सुधरता है तो एक व्यक्ति सुधरता है, लेकिन जब एक महिला जागती है, तो पूरा परिवार और समाज जागता है,” उन्होंने कहा।
महिलाओं की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सामाजिक परिवर्तन में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
क्षेत्र में दिख रहा सकारात्मक असर
इस अभियान का असर अब खरोरा क्षेत्र में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अवैध शराब की बिक्री में कमी आई है और सार्वजनिक स्थानों पर मद्यपान करने वालों की संख्या भी घटी है।
स्थानीय लोग भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं और इसे समाज के हित में एक जरूरी कदम मान रहे हैं।
जनभागीदारी से मिलेगा स्थायी समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियानों में जनभागीदारी बेहद जरूरी होती है। जब समाज खुद आगे आकर किसी समस्या के समाधान के लिए प्रयास करता है, तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होता है।
निष्कर्ष
नगर पंचायत खरोरा में महिला समूहों द्वारा चलाया जा रहा नशामुक्ति अभियान सामाजिक बदलाव का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह पहल न केवल नशे के खिलाफ लड़ाई को मजबूत कर रही है, बल्कि समाज में जागरूकता और एकता का संदेश भी दे रही है।







