रायपुर के पुराने विधानसभा सभागार में हाल ही में ‘यंग इंडियन पार्लियामेंट 2026’ का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें यंग इंडियंस रायपुर चैप्टर की पहल पर 11 स्कूलों के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस अनूठे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय कार्यप्रणाली से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था। इस महत्वपूर्ण अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों द्वारा प्रस्तुत की जा रही मॉक पार्लियामेंट की कार्यवाही का अवलोकन किया और उनके उत्साह को बढ़ाया।
लोकतंत्र की पाठशाला में छात्र
यह मॉक पार्लियामेंट पूरी तरह से विधानसभा की तर्ज पर आयोजित की गई थी, जहाँ विद्यार्थियों को देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का सीधा अनुभव मिला। कार्यक्रम में बच्चों को सत्ता पक्ष और विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाने का अवसर दिया गया। छात्रों ने अपने-अपने क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए वहाँ की समस्याओं और आवश्यकताओं को सदन के सामने रखा। यह अनुभव उन्हें वास्तविक जनप्रतिनिधियों की चुनौतियों और जिम्मेदारियों को समझने में मदद करने वाला था। विद्यार्थियों ने देश और समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा, सार्थक बहस और तर्क-वितर्क के माध्यम से अपनी बात रखी। इसके अतिरिक्त, मॉक पार्लियामेंट में विधेयक पेश करने और उसे पारित करने की पूरी प्रक्रिया भी कराई गई, जिससे उन्हें कानून बनाने की बारीकियों को समझने का मौका मिला। यह आयोजन छात्रों को किताबी ज्ञान से परे जाकर वास्तविक दुनिया की राजनीति और प्रशासन का अनुभव प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम था।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति और मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की उपस्थिति ने छात्रों के अनुभव को और भी समृद्ध बना दिया। उन्होंने युवा प्रतिभागियों को विधानसभा की कार्यप्रणाली, सदन की पवित्र परंपराओं और एक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। डॉ. रमन सिंह ने अपने दशकों के राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिकाएँ अलग-अलग होती हैं। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से उदाहरण देते हुए बताया कि जब वे 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे, तब सदन में उनकी बैठने की स्थिति और भूमिका कैसी थी, और विपक्ष में रहने के दौरान उनकी भूमिका और सीट किस तरह बदल गई थी। उनके ये अनुभव छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद सिद्ध हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को सदन की मर्यादा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों के आचरण से जुड़े एथिक्स (नैतिक सिद्धांतों) की जानकारी भी दी, जो भविष्य के नेताओं के लिए एक महत्वपूर्ण सीख थी।
संसदीय प्रक्रियाओं और मूल्यों की गहरी समझ
‘यंग इंडियन पार्लियामेंट 2026’ के माध्यम से छात्रों ने न केवल संसदीय कार्यवाही के नियमों और प्रक्रियाओं को समझा, बल्कि लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों, जैसे बहस, सहमति और मतभेद का सम्मान करने के महत्व को भी आत्मसात किया। उन्हें यह जानने को मिला कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है और किस प्रकार रचनात्मक आलोचना सरकार को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती है। इस तरह के आयोजनों से युवा पीढ़ी में नागरिक बोध और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। छात्रों ने इस दौरान सार्वजनिक मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त करने, दूसरों की बात सुनने और सामूहिक निर्णय लेने की कला सीखी। यह अनुभव उन्हें भविष्य में एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करेगा, जो देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।
भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण सीख
यह कार्यक्रम युवा दिमागों में लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय प्रणाली के प्रति सम्मान जगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। यंग इंडियंस रायपुर चैप्टर द्वारा आयोजित यह पहल छात्रों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्हें सहभागी लोकतंत्र का अनुभव कराकर सशक्त बनाने का प्रयास था। डॉ. रमन सिंह जैसे अनुभवी राजनेता का मार्गदर्शन पाकर छात्रों ने राजनीति और सार्वजनिक सेवा के प्रति एक नई दृष्टि प्राप्त की। यह आयोजन भविष्य के उन नागरिकों और नेताओं की नींव रखने में सहायक होगा, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने और देश को प्रगति पथ पर आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे कार्यक्रम यह सुनिश्चित करते हैं कि नई पीढ़ी देश की राजनीतिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक रहे और लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हो।




