LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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छत्तीसगढ़

पिता के साये और आर्थिक तंगी के बीच चिरायु योजना बनी सहारा, अंजलि को मिला नया जीवन

आर्थिक तंगी से जूझ रही अंजलि को चिरायु योजना के तहत निःशुल्क उपचार मिला, जिससे उसका स्वास्थ्य सुधरा और परिवार को बड़ी राहत मिली।

रायपुर। आर्थिक तंगी और पारिवारिक कठिन परिस्थितियों के बीच जूझ रही अंजलि के जीवन में चिरायु योजना उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित अंजलि को समय पर उपचार मिलना संभव नहीं हो पा रहा था, लेकिन शासन की चिरायु योजना के तहत मिली चिकित्सा सहायता ने उसे नया जीवन दे दिया। यह कहानी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बन गई है।

जानकारी के अनुसार, अंजलि के पिता की सीमित आय के कारण परिवार इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ था। बीमारी के कारण उसकी पढ़ाई और सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा था। इसी दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में जांच अभियान के दौरान अंजलि की स्थिति को पहचाना और उसे चिरायु योजना से जोड़ा। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उसका उपचार शुरू हुआ।

चिकित्सकों ने बताया कि समय पर हस्तक्षेप से अंजलि की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उपचार और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था योजना के तहत निःशुल्क की गई। परिवार ने बताया कि यदि यह सहायता नहीं मिलती तो उपचार संभव नहीं था। अब अंजलि धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रही है और उसकी पढ़ाई भी दोबारा शुरू हो गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चिरायु योजना का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात और गंभीर बीमारियों की पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। राज्य के विभिन्न जिलों में मोबाइल मेडिकल टीमों के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच की जाती है। गंभीर मामलों को चिन्हित कर उन्हें उच्च स्तरीय अस्पतालों से जोड़ा जाता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित होती हैं। समय पर जांच और उपचार से न केवल बच्चों का स्वास्थ्य सुधरता है बल्कि परिवारों को मानसिक और आर्थिक राहत भी मिलती है। अंजलि का मामला इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिली सहायता किस तरह जीवन बदल सकती है।

स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। अंजलि के पिता ने शासन और चिकित्सा टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी को नया जीवन मिला है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने से अधिक बच्चों को समय पर उपचार मिल सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं और किसी भी समस्या की स्थिति में तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें।

अंजलि की कहानी यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की राह निकल सकती है। चिरायु योजना ने एक परिवार की चिंता को राहत में बदल दिया और एक बच्ची को नया जीवन प्रदान किया।



Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.