गरियाबंद में उफनती पैरी नदी के बीच गौशाला में फंसे पति-पत्नी और तीन बच्चों को पुलिस, एसडीआरएफ व प्रशासन ने पांच घंटे के रेस्क्यू अभियान में बचाया।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी बारिश के कारण पैरी नदी समेत जिले की अधिकांश नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच काश सोहागपुर क्षेत्र से एक राहत भरी खबर सामने आई, जहां उफनती पैरी नदी के बीच गौशाला में फंसे एक परिवार को पुलिस, एसडीआरएफ, नगर सेना और प्रशासन की संयुक्त टीम ने करीब पांच घंटे तक चले कठिन रेस्क्यू अभियान के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, काश सोहागपुर स्थित एक गौशाला में पति-पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चे मौजूद थे। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और सिकासार जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण पैरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते गौशाला चारों ओर से पानी से घिर गई और पूरा परिवार अंदर ही फंस गया।
घटना की सूचना शाम करीब 5 बजे प्रशासन को मिली। सूचना मिलते ही तहसीलदार, पुलिस, एसडीआरएफ और नगर सेना की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। तेज बहाव, अंधेरा और लगातार हो रही बारिश के बावजूद जवानों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रस्सियों, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
करीब पांच घंटे तक चले इस अभियान के दौरान बचाव दल ने एक-एक कर सभी पांचों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। देर रात जब पूरा परिवार सकुशल बाहर आया तो मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू टीम का तालियों के साथ स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की तत्परता एवं साहस की सराहना की।
जिले में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति उफनती नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करे और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहे। साथ ही मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में नागरिक तत्काल पुलिस, जिला नियंत्रण कक्ष या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। लगातार बारिश को देखते हुए जिले के संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और राहत दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।




