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राजनीतिक

केरल में कांग्रेस का सीएम चेहरा जल्द घोषित, तीन दावेदार मैदान में

तिरुवनंतपुरम: केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने रविवार को घोषणा की कि कांग्रेस आलाकमान, जिसमें एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हैं, जल्द ही केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करेंगे। यह महत्वपूर्ण घोषणा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा मुख्यमंत्री पद के तीन प्रमुख दावेदारों का दिल्ली में “साक्षात्कार” करने और गहन चर्चा करने के बाद की जाएगी। राज्य में कांग्रेस की वापसी के बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अनिश्चितता अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में उत्सुकता बढ़ गई है।

दिल्ली में मंथन और दावेदारों से मुलाकात

दिल्ली से लौटने के बाद मीडिया से बात करते हुए, सनी जोसेफ ने बताया कि कांग्रेस हाईकमान और तीनों मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बीच विस्तृत चर्चा हुई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब इस मुद्दे पर राज्य के नेताओं के साथ एक और दौर की बातचीत की कोई आवश्यकता नहीं है। यह संकेत देता है कि आलाकमान ने सभी पहलुओं पर विचार कर लिया है और अब केवल अंतिम निर्णय की घोषणा बाकी है। जोसेफ ने सभी पार्टी सदस्यों से “विवादास्पद कदम उठाने से बचने” का आग्रह किया, हालांकि उन्होंने घोषणा की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। यह निर्देश शायद पार्टी के भीतर संभावित खींचतान और गुटबाजी को रोकने के लिए दिया गया है, ताकि निर्णय प्रक्रिया सुचारू रहे और पार्टी में एकता बनी रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री पद का निर्णय पूरी तरह से उनके हाथ में है और इस मामले पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के घटक दलों के साथ चर्चा की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम पार्टी की आंतरिक स्वायत्तता को दर्शाता है और यह भी सुनिश्चित करता है कि अंतिम फैसला कांग्रेस की केंद्रीय रणनीति के अनुरूप हो।

मुख्यमंत्री पद के तीन प्रमुख दावेदार

केरल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन दिग्गज नेता अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं: के.सी. वेणुगोपाल, वी.डी. सतीशन और रमेश चेन्निथला। इन तीनों नेताओं के समर्थक खेमे अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, और सभी को विश्वास है कि अंतिम निर्णय उनके पक्ष में ही आएगा। इन दावेदारों ने दिल्ली में आलाकमान के सामने अपनी-अपनी बात रखी और मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी योग्यताएं गिनाईं।

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के.सी. वेणुगोपाल का खेमा इस बात को लेकर आश्वस्त है कि कांग्रेस नेतृत्व कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के भीतर बहुमत की राय को महत्व देगा। वेणुगोपाल को केंद्रीय राजनीति का व्यापक अनुभव है और वे राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत होती है। उनका संगठन कौशल भी उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाता है।*

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वहीं, वी.डी. सतीशन का खेमा तर्क दे रहा है कि मजबूत जनभावना और कई यूडीएफ घटक भागीदारों का समर्थन उनकी संभावनाओं को और बढ़ा रहा है। सतीशन को विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में उनके मुखर और प्रभावी प्रदर्शन के लिए जाना जाता है, जिसने उनकी लोकप्रियता बढ़ाई है और उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में स्थापित किया है।*

रमेश चेन्निथला अपनी वरिष्ठता और लंबे राजनीतिक अनुभव पर भरोसा कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार नेतृत्व अंततः उनकी दावेदारी को मान्यता देगा। चेन्निथला ने पहले भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और वे केरल की राजनीति में एक स्थापित चेहरा हैं, जिन्होंने विभिन्न संकटों में पार्टी का नेतृत्व किया है।* सतीशन और चेन्निथला दोनों ने हाईकमान द्वारा उन्हें अपनी दावेदारी विस्तार से प्रस्तुत करने के अवसर से संतुष्टि व्यक्त की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सभी को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिला है।

आलाकमान का अंतिम फैसला और राजनीतिक असर

मुख्यमंत्री के चयन प्रक्रिया में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अनुभवी कांग्रेसी नेता ए.के. एंटनी जैसे वरिष्ठ नेताओं की भूमिका निर्णायक रहने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह दर्शाता है कि आलाकमान ने सभी संभावित विकल्पों और उनके राजनीतिक परिणामों पर गंभीरता से विचार किया है, जिसमें राज्य की जमीनी हकीकत और राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण दोनों शामिल हैं। केरल में कांग्रेस का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह न केवल राज्य की राजनीति के लिए बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी की रणनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा। यह फैसला 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर एकता और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा और दक्षिण भारत में कांग्रेस की पकड़ को मजबूत कर सकता है।

पार्टी के भीतर सभी से विवादास्पद गतिविधियों से बचने का आग्रह किया गया है, जिसका अर्थ है कि निर्णय की घोषणा के बाद किसी भी तरह की असंतोष या विरोध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि नए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पार्टी एकजुट होकर काम करे और भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके, जिसमें अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी भी शामिल है। मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा सस्पेंस फिलहाल जारी है, लेकिन सनी जोसेफ की घोषणा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस आलाकमान जल्द ही इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगाएगा, जिससे केरल की राजनीतिक तस्वीर साफ हो जाएगी। यह फैसला राज्य में कांग्रेस की राजनीतिक दिशा और भविष्य की रणनीति तय करेगा, और पार्टी के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक होगा।

Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.