अभिनेता से नेता बने विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की, जिससे राज्य में सरकार गठन को लेकर चल रही अनिश्चितता समाप्त हो गई। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी और अब विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) तथा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के समर्थन से बहुमत हासिल कर सरकार बनाई है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए और राज्य में महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी वादा किया। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर है, क्योंकि लगभग सात दशकों में यह पहली बार है जब DMK और AIADMK के अलावा किसी अन्य दल ने सत्ता संभाली है।
शपथ ग्रहण समारोह और सरकार गठन
विजय ने चेन्नई स्थित लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में कई गणमान्य व्यक्ति और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। उनकी पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत का आंकड़ा 118 था। विजय ने विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) का समर्थन हासिल कर अपनी सीटों की संख्या 120 तक पहुंचाई, जिससे वे बहुमत के आंकड़े को पार कर गए। कांग्रेस, सीपीआई और सीपीआई(एम) सहित अन्य दलों ने भी TVK को अपना समर्थन पत्र दिया था, जिसके बाद विजय ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया और उन्हें आमंत्रित किया गया।
विजय के प्रमुख वादे और चुनौतियां

शपथ ग्रहण के ठीक बाद, मुख्यमंत्री विजय ने अपने चुनावी वादों में से एक को पूरा करते हुए 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करने के आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने राज्य में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का भी संकल्प लिया, जो उनके घोषणापत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। हालांकि, सरकार गठन के बाद विजय के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है: उन्हें 13 मई को या उससे पहले विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा। यह फ्लोर टेस्ट उनकी सरकार की स्थिरता की पुष्टि करेगा। ये वादे और शुरुआती कदम उनकी सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं, खासकर आम जनता से जुड़े मुद्दों पर।
तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय
विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। पिछले लगभग सात दशकों से, तमिलनाडु की सत्ता या तो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) या ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के हाथों में रही है। विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) का उदय इन दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों के एकाधिकार को तोड़ता है और राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि TVK जैसी नई पार्टी, जो एक गैर-द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है, कैसे राज्य की जटिल सामाजिक और राजनीतिक गतिशीलता को संभालेगी। यह बदलाव आगामी चुनावों और राज्य की राजनीतिक दिशा पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है।
आगे की राह
अब जबकि विजय ने मुख्यमंत्री का पदभार संभाल लिया है, उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता 13 मई को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगी। इसके बाद, उन्हें अपने चुनावी वादों को पूरा करने और राज्य के विकास के लिए ठोस नीतियां बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। 200 यूनिट मुफ्त बिजली और महिला सुरक्षा जैसे शुरुआती कदम जनता के बीच उनकी लोकप्रियता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। विजय को प्रशासन चलाने, विभिन्न गुटों को साधने और विपक्ष की चुनौतियों का सामना करने में अपनी राजनीतिक सूझबूझ का प्रदर्शन करना होगा। यह एक नए राजनीतिक दल के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी, जिसे राज्य की जनता और राजनीतिक विश्लेषक बारीकी से देख रहे हैं।











