LIVE बुधवार, 17 जून 2026
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राजनीतिक

राहुल गांधी के करीबी के.सी. वेणुगोपाल केरल CM पद के प्रबल दावेदार

केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलें आज समाप्त हो सकती हैं, जब कांग्रेस आलाकमान नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान करेगा। विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह से अधिक समय बाद, पार्टी के दिग्गज नेता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। यूडीएफ ने 140 में से 102 सीटें जीतकर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के एक दशक के शासन को समाप्त कर दिया है।

केरल में सत्ता परिवर्तन और मुख्यमंत्री की तलाश

केरल में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस जीत ने राज्य में राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है, जहां पिछले दस वर्षों से एलडीएफ का शासन था। यूडीएफ ने 140 सीटों में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जिससे कांग्रेस को मुख्यमंत्री पद के लिए अपने उम्मीदवार का चयन करने का मौका मिला है। हालांकि, पार्टी के भीतर कई वरिष्ठ नेताओं के बीच सहमति बनाने में कुछ समय लगा, जिसके बाद अब अंतिम घोषणा की उम्मीद है।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल केरल के कई प्रमुख कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की, जिनमें पांच पूर्व केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) अध्यक्ष, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के संयोजक और तीन केपीसीसी कार्यकारी अध्यक्ष शामिल थे। इस बैठक का उद्देश्य मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करना था। यह बैठक मुख्यमंत्री पद के दावेदारों पर अंतिम मुहर लगाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।

के.सी. वेणुगोपाल: एक मजबूत दावेदार

मुख्यमंत्री पद के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है, उनमें के.सी. वेणुगोपाल का नाम सबसे ऊपर है। उन्हें राहुल गांधी के सबसे करीबी विश्वासपात्रों में से एक माना जाता है और उन्होंने राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस के भीतर एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में अपनी पहचान बनाई है। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में सात नेताओं ने वेणुगोपाल के नाम का समर्थन किया, जबकि दो नेताओं – के. मुरलीधरन और वी.एम. सुधीरन – ने वी.डी. सतीशन का समर्थन किया, और एक नेता तटस्थ रहा। यह स्पष्ट समर्थन वेणुगोपाल की पार्टी के भीतर मजबूत पकड़ और स्वीकार्यता को दर्शाता है।

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पार्टी संगठन में के.सी. वेणुगोपाल वर्तमान में एआईसीसी महासचिव (संगठन) के रूप में कार्यरत हैं, जो कांग्रेस पार्टी के सबसे प्रभावशाली पदों में से एक है। इस भूमिका में, वह उम्मीदवार चयन, गठबंधन प्रबंधन से लेकर आंतरिक अनुशासन और सदस्यता अभियान जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक मामलों की देखरेख करते हैं। उनकी संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए उनके योगदान को आलाकमान द्वारा अत्यधिक महत्व दिया जाता है।

वेणुगोपाल का राजनीतिक सफर

के.सी. वेणुगोपाल का जन्म 1963 में कन्नूर जिले में हुआ था और उन्होंने छात्र राजनीति के माध्यम से कांग्रेस में प्रवेश किया। उन्होंने केरल स्टूडेंट्स यूनियन के अध्यक्ष और बाद में इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 1996 में अलप्पुझा निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने अपना चुनावी पदार्पण किया। वेणुगोपाल ने 1996 से 2009 तक लगातार तीन बार अलप्पुझा से विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया। दिवंगत ओमन चांडी के कार्यकाल के दौरान, उन्होंने केरल के पर्यटन मंत्री के रूप में भी सेवा दी।

बाद में, उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख किया और 2009 और 2014 दोनों में अलप्पुझा लोकसभा सीट जीती। उन्हें मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में बिजली और नागरिक उड्डयन सहित विभिन्न विभागों के जूनियर मंत्री के रूप में शामिल किया गया था। संसद और पार्टी की प्रमुख बैठकों में अक्सर राहुल गांधी के बगल में बैठे देखे जाने वाले वेणुगोपाल का अनुभव राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर व्यापक है, जो उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए एक अनुभवी और विश्वसनीय विकल्प बनाता है।

अन्य दावेदार और आगे की राह

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में के.सी. वेणुगोपाल के अलावा दो अन्य वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वी.डी. सतीशन भी प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। रमेश चेन्निथला केरल में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभा चुके हैं, जबकि वी.डी. सतीशन भी पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण चेहरा हैं। हालांकि, राहुल गांधी के साथ बैठक में मिले समर्थन के बाद वेणुगोपाल की स्थिति मजबूत हुई है।

आज, कांग्रेस पार्टी द्वारा केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की उम्मीद है, जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी आलाकमान अंततः किस नेता पर भरोसा जताता है, लेकिन के.सी. वेणुगोपाल की मजबूत दावेदारी और पार्टी के भीतर उनकी गहरी पैठ उन्हें इस महत्वपूर्ण पद के लिए सबसे आगे रखती है। यह चुनाव परिणाम न केवल एलडीएफ के दशक भर के शासन का अंत है, बल्कि केरल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत का भी प्रतीक है।

Heshma lahre
लेखक / Author

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.