LIVE बुधवार, 13 मई 2026
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छत्तीसगढ़

डबरी निर्माण से ग्रामीण आजीविका को मिल रही नई दिशा, जल संरक्षण और कृषि को मिला बड़ा लाभ

रायपुर में डबरी निर्माण से जल संरक्षण, खेती, पशुपालन और ग्रामीण आय में बड़ा सुधार आया। छोटे जलस्रोतों ने ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी है।

रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुधार और जल संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में डबरी निर्माण (छोटी जल संरचनाएं) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रायपुर सहित कई जिलों में डबरी निर्माण कार्यों से न केवल जल स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और पशुपालन को मजबूती देने में भी इसका बड़ा योगदान सामने आ रहा है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से अब गांव–गांव में छोटे जलस्रोत बन रहे हैं, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा दी है।


डबरी: ग्रामीण विकास का प्रभावी मॉडल

डबरी एक छोटा लेकिन अत्यंत प्रभावी जल संरचनात्मक मॉडल है, जिसे आमतौर पर वर्षा जल संग्रहण और कृषि उपयोग के लिए तैयार किया जाता है।
ग्रामीण इलाकों में सिंचाई के अभाव और जल संकट को कम करने में डबरी बेहद कारगर साबित हो रही है।
रायपुर जिले में हाल के वर्षों में डबरियों की संख्या बढ़ने से खेती योग्य भूमि में नमी बनी रहती है, जिससे फसलों का उत्पादन बढ़ा है।


किसानों की बदलती जिंदगी

रायपुर और आसपास के गांवों में कई किसानों ने बताया कि पहले उन्हें सिंचाई के लिए वर्षा पर या दूर-दराज के पानी स्त्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था।
डबरी निर्माण के बाद—

  • रबी और खरीफ दोनों सीजन में उत्पादन बढ़ा
  • पशुओं के लिए सालभर पीने का पानी उपलब्ध
  • सब्जी उत्पादन और मछली पालन को बढ़ावा
  • लागत में कमी और आय में वृद्धि

किसानों ने कहा कि डबरी ने उनकी खेती को जोखिम से बाहर निकालकर स्थायी बनाया है।

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सरकारी योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण आजीविका और जल संरक्षण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें डबरी निर्माण एक महत्वपूर्ण पहल है।
मनरेगा और अन्य सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से गांवों में डबरी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मनरेगा के तहत मिली मजदूरी ने ग्रामीणों को रोजगार दिया, वहीं तैयार हुई डबरियों ने दीर्घकालिक आजीविका के साधन उपलब्ध कराए।


जल संरक्षण का मजबूत साधन

डबरी सिर्फ खेती के लिए ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण के व्यापक लक्ष्य को पूरा करने का भी प्रभावी माध्यम है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर में कमी की समस्या बढ़ रही थी, लेकिन डबरी निर्माण से जल पुनर्भरण में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
फार्मरों और जल विशेषज्ञों ने बताया कि डबरी के कारण आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे प्राकृतिक वनस्पतियों को भी लाभ मिलता है।


पशुपालन और मत्स्य पालन को बढ़ावा

कई गांवों में डबरी को बहुउद्देशीय आजीविका साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

  • पशुपालन को स्थायी जल स्रोत
  • मछली पालन से अतिरिक्त आय
  • छोटे उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों को नया अवसर

महिला समूहों ने भी बताया कि डबरी के पानी का उपयोग वे छोटे–मोटे कृषि वानिकी कार्यों में कर पा रही हैं, जिससे परिवार की आमदनी बढ़ रही है।


ग्रामीण रोजगार के नए अवसर

डबरी निर्माण ने न केवल किसानों को लाभ दिया है बल्कि ग्रामीण रोजगार सृजन में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
मनरेगा के तहत मिले काम ने कई परिवारों को आर्थिक मजबूती दी।
स्थानीय पंचायतों ने भी डबरी निर्माण में युवाओं की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।


मॉडल गांवों का विकास

रायपुर जिले की कई पंचायतों को डबरी परियोजनाओं के कारण मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है।
इन गांवों में कृषि उत्पादन, पशुपालन और हरियाली में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सरपंचों का कहना है कि डबरी निर्माण ने गांव के विकास का नया अध्याय लिखा है।


पर्यावरण संरक्षण को भी मिला समर्थन

डबरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में—

  • मिट्टी कटाव में कमी
  • हरियाली में वृद्धि
  • स्थानीय जैव विविधता का संरक्षण
    जैसे सकारात्मक प्रभाव सामने आए हैं।
    विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे जलस्रोत भविष्य की जल–चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी स्थानीय समाधान हैं।

डबरी के साथ जुड़ीं भविष्य की संभावनाएं

सरकार की योजना है कि आने वाले वर्षों में प्रत्येक गांव में डबरी निर्माण को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाए।
इसके साथ ही माइक्रो–इरिगेशन, आधुनिक कृषि तकनीक और मत्स्य पालन को भी डबरी के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि किसानों की आय दोगुनी की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा सके।


ग्रामीणों की सफलता कहानियां

कई किसानों ने कहा कि डबरी निर्माण ने उनकी जिंदगी बदल दी है। अब वे सिर्फ परंपरागत खेती पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि सब्जी उत्पादन, फल–बागवानी और मछली पालन जैसे नए आय स्रोतों की ओर बढ़े हैं।
इन सफलताओं ने गांवों में विकास की गति तेज की है।


निष्कर्ष के बिना अंतिम विचारात्मक पंक्ति (आपके निर्देशानुसार)

डबरी निर्माण ने रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देते हुए जल संरक्षण और आजीविका सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


Heshma lahre
लेखक: Heshma lahre

Heshma lahre is a dedicated journalist at Dabang Awaz, known for her comprehensive coverage across all news categories, delivering accurate and timely reports with integrity.