उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि चल रहे निर्माण कार्यों से शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक विकास की गति बढ़ेगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक सुधार होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बदलते विकास परिदृश्य के बीच उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि चल रहे निर्माण कार्यों से शिक्षा सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और सामुदायिक विकास को नई दिशा और गति मिलेगी। रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो सीधे जनता के जीवन स्तर, शिक्षा की गुणवत्ता और क्षेत्रीय विकास से जुड़े हैं।
शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कई शैक्षणिक भवनों, मॉडल स्कूलों, छात्रावासों और कॉलेजों के लिए नए निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इनमें—
- आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम,
- विज्ञान प्रयोगशालाएँ,
- डिजिटल लाइब्रेरी,
- खेल परिसर और
- विशेष छात्रावास भवन
जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक ढांचा ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में बच्चों की शिक्षा को नई मजबूती देगा और dropout दर कम होगी।
सड़क, पुल और सामुदायिक भवनों में तेजी
राज्य सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई निर्माण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। श्री शर्मा ने बताया कि नई सड़कों, पुल-पुलियों, सामुदायिक भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी सुधरेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ भी तेज होंगी।
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचा सिर्फ सुविधाएँ नहीं देता, बल्कि रोजगार सृजन, व्यापार वृद्धि और जीवन स्तर में सुधार का आधार भी बनता है।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि विकास के मामले में किसी भी क्षेत्र को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा। ग्रामीण और जनजातीय इलाकों में—
- आंगनबाड़ी भवन,
- पंचायत भवन,
- ग्रामीण सड़कें,
- पेयजल संरचनाएँ
जैसे निर्माण कार्य तेज गति से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक विकास तभी संभव है जब हर गाँव तक मजबूत संरचना और बुनियादी सुविधाएँ पहुँचें।
स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
बैठक में बताया गया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप–स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों की इमारतों के नवीनीकरण एवं निर्माण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
- नई OPD इकाइयाँ,
- मातृ एवं शिशु वार्ड,
- चिकित्सा उपकरणों की स्थापना
जैसे सुधारों से ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर होंगी।
श्री शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य ढाँचा सुदृढ़ होने से आम जनता को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर कड़ा जोर
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्माण एजेंसियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अब अधिकांश परियोजनाओं में डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग का उपयोग किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
रोजगार और स्थानीय विकास को मजबूती
निर्माण कार्यों की तेज रफ्तार ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। विशेष रूप से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को इन परियोजनाओं से रोजगार मिला है। कई समूहों को निर्माण सामग्री आपूर्ति और अन्य गतिविधियों से आय के अवसर भी प्राप्त हुए हैं।
सामुदायिक जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
नए भवनों और संरचनाओं ने गाँवों और कस्बों की सामाजिक गतिविधियों को नया रूप दिया है।
- सामुदायिक भवनों में प्रशिक्षण, बैठकें, सांस्कृतिक कार्यक्रम,
- स्कूलों में खेलकूद गतिविधियाँ,
- पंचायत भवनों में प्रशासनिक कार्य
जैसी सुविधाओं से लोगों की भागीदारी बढ़ी है।
श्री शर्मा ने कहा कि विकास का असली अर्थ जीवन की गुणवत्ता में सुधार है, और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
आगे की योजना
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले चरण में—
- मल्टी-परपज़ सामुदायिक सेंटर,
- टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षण केंद्र,
- डिजिटल–इंफ्रास्ट्रक्चर,
- ग्रामीण सड़क नेटवर्क का विस्तार
जैसे प्रोजेक्ट शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की प्रगति से प्रदेश के सभी जिलों में संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।






