उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ–सबका विकास’ के मूलमंत्र पर काम कर रही है, जिससे उद्योग, रोजगार और समावेशी विकास को नई दिशा मिल रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राज्य सरकार विकास के समावेशी मॉडल पर तेज़ी से काम कर रही है। उद्योग मंत्री ने रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि सरकार ‘सबका साथ–सबका विकास’ के मूलमंत्र को आधार बनाकर सभी वर्गों, क्षेत्रों और उद्योग सेक्टरों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास तभी सार्थक है जब इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और प्रदेश का कोई भी हिस्सा विकास से वंचित न रहे।
उद्योगों के विस्तार पर सरकार का फोकस
मंत्री ने कहा कि राज्य में बड़े, मध्यम और छोटे उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है।
- नई इंडस्ट्री पॉलिसी,
- निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम,
- औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाएँ
जैसी पहलें उद्योगों को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने बताया कि नए औद्योगिक निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
MSME सेक्टर को मिल रहा विशेष समर्थन
छोटे और मध्यम उद्योग राज्य की आर्थिक रीढ़ माने जाते हैं। उद्योग मंत्री ने बताया कि MSME सेक्टर के लिए—
- रियायती ऋण,
- सब्सिडी योजनाएँ,
- टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन समर्थन
जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में छोटे उद्योगों के बढ़ने से स्थानीय रोजगार सृजित हुआ है और युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा मिला है।
औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास
सरकार ने कई औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों, बिजली, जल आपूर्ति, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक सुविधाओं को अपग्रेड किया है।
मंत्री ने कहा कि सुदृढ़ आधारभूत ढांचा निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र है और इससे व्यवसायों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में भी प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे निवेश वातावरण और मजबूत होगा।
रोजगार सृजन पर प्राथमिकता
उद्योग मंत्री ने कहा कि ‘सबका विकास’ का अर्थ रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार है।
- स्टार्टअप नीति को नई दिशा,
- स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण,
- युवाओं के लिए इंटर्नशिप कार्यक्रम
जैसे कदमों से रोजगार की संभावनाएँ बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को उद्योग–तैयार बनाया जाए।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा बल
मंत्री ने कहा कि उद्योग विभाग ग्रामीण उत्पादों, हस्तशिल्प और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहा है।
- फूड-प्रोसेसिंग यूनिट्स,
- कोल्ड स्टोरेज,
- कृषि उपकरण निर्माण
जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने से किसानों और महिला स्व–सहायता समूहों की आय में वृद्धि हुई है।
निवेशकों का बढ़ता विश्वास
कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि पारदर्शी नीतियों और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि बड़े औद्योगिक घराने भी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए पसंदीदा राज्य के रूप में देख रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार उद्योगों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास
मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएँ तभी सफल होती हैं जब उद्योग, प्रशासन और समाज मिलकर काम करें।
उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ’ का अर्थ केवल जनता का साथ नहीं, बल्कि उद्योग–विश्व, उद्यमियों, किसानों और युवाओं की सहभागिता भी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय बढ़ाकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण कर रही है।
भविष्य की दिशा
उद्योग मंत्री ने बताया कि आने वाले वर्षों में—
- ग्रीन इंडस्ट्री,
- टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग,
- इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन,
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र
को नई प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि समावेशी विकास मॉडल छत्तीसगढ़ को उद्योग और अर्थव्यवस्था दोनों क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।










