खरोरा स्कूल में परीक्षा परिणाम घोषित, 93.92 प्रतिशत सफलता, मेधावी छात्रों का सम्मान और निःशुल्क शिक्षा के तहत पुस्तकों व गणवेश राशि का वितरण।
रायपुर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय खरोरा में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा सरस्वती माता के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी एवं भूमि दानदाता श्री ईश्वरी प्रसाद देवांगन, समाजसेवी व्यवसायी श्री सूरज सोनी, प्रांतीय संस्कार प्रमुख श्री चंद्र कुमार डड़सेना तथा विद्यालय के प्राचार्य श्री अश्वनी कुमार पाटकर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के परीक्षा प्रमुख द्वारा विभिन्न कक्षाओं के परिणामों की घोषणा की गई। कक्षा अरुण में भाविका देवांगन ने 97.66 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। कक्षा द्वितीय में रुचि साहू ने 99.5 प्रतिशत अंक के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि कक्षा चतुर्थ में अंशिका देवांगन ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
कक्षा प्रथम में भावना साहू 98.5 प्रतिशत के साथ प्रथम रहीं, वहीं कक्षा तृतीय में देविका देवांगन ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। कक्षा पंचम में दीपांशु वर्मा 98 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर रहे। कक्षा सप्तम में पार्थ कन्नौजे ने 98.16 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उच्च कक्षाओं में भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। कक्षा नवम में कुशाली कोसरिया ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि कक्षा दशम में मिताली चंद्राकर 94.66 प्रतिशत के साथ प्रथम रहीं। कक्षा द्वादश में हिमांशी जायसवाल ने 89.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया।
विद्यालय का कुल परीक्षा परिणाम 93.92 प्रतिशत रहा, जो संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाता है। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, प्रधानाचार्य और समस्त आचार्य परिवार ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि मेहनत और अनुशासन से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही, निःशुल्क शिक्षा योजना के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को पाठ्य पुस्तकें और गणवेश की राशि भी वितरित की गई। इस पहल से जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के उत्साह और उपलब्धियों का उत्सव बनकर सामने आया, जिसने शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक संदेश दिया।










