रायपुर। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में “सिल्क समग्र-2” योजना ग्रामीणों और किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और किसान आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सिल्क समग्र-2 योजना के तहत किसानों को रेशम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और लोगों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
धमतरी जिले के कई गांवों में किसान अब पारंपरिक खेती के साथ रेशम उत्पादन को भी अपनाने लगे हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिला है। किसानों का कहना है कि पहले सीमित संसाधनों के कारण आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब रेशम उत्पादन से उनकी आमदनी बढ़ रही है और जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रेशम उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कम लागत में अधिक लाभ मिलने के कारण यह किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। योजना के तहत किसानों को शहतूत पौधारोपण, कीट पालन और रेशम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि “सिल्क समग्र-2” योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना भी है। बड़ी संख्या में महिलाएं भी इस योजना से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे गांवों में रोजगार के स्थानीय अवसर बढ़े हैं और पलायन की समस्या में भी कमी आने लगी है।
राज्य सरकार द्वारा रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन के साथ-साथ बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
धमतरी जिले में रेशम उत्पादन की बढ़ती गतिविधियों से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अब वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिलता रहा, तो आने वाले समय में धमतरी जिला रेशम उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के विकास को भी गति मिलेगी।
“सिल्क समग्र-2” योजना को ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिसने किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन में नई चमक ला दी है।








