वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सुरसी और पंचधार गांवों में बाढ़ राहत भवन व शेड निर्माण का भूमिपूजन किया, ग्रामीणों को दी नई सौगात।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । प्रदेश के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने मंगलवार को सरिया क्षेत्र का दौरा करते हुए ग्रामीणों की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। इस दौरान उन्होंने बरमकेला ब्लॉक के ग्राम सुरसी और पंचधार में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्य कार्यक्रम ग्राम सुरसी में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने लगभग 30 लाख रुपए की लागत से बनने वाले बाढ़ आपदा राहत भवन का भूमिपूजन किया। इस भवन के निर्माण से भविष्य में प्राकृतिक आपदा या बाढ़ जैसी स्थितियों से प्रभावित ग्रामीणों को तुरंत आश्रय और राहत मिल सकेगी।
ग्राम सुरसी में शेड निर्माण की सौगात
सुरसी गांव के लिए यह दौरा खास रहा। वित्त मंत्री चौधरी ने यहां राहत भवन के साथ ही 13 लाख रुपए की लागत से बनने वाले शेड का भूमिपूजन भी किया। इस शेड का उपयोग सामुदायिक कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और आपदा के समय राहत सामग्री वितरण के लिए किया जाएगा।
पंचधार में भी विकास कार्य की शुरुआत
ग्राम पंचधार में भी ग्रामीणों को नई सौगात मिली। यहां चौधरी ने 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले शेड का भूमिपूजन किया। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक सुविधाएं प्राप्त होंगी और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन और गतिविधियां और सुगम होंगी।
वित्त मंत्री का ग्रामीणों से संवाद
दौरे के दौरान चौधरी ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राहत भवन और शेड का निर्माण इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाए ताकि आपात स्थिति में लोग सुरक्षित रह सकें और सामान्य परिस्थितियों में भी सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्राम सुरसी और पंचधार के ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों का कहना था कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत भवन लंबे समय से जरूरत बन चुका था। अब इसके निर्माण से आपदा की स्थिति में उन्हें राहत मिलेगी और सुरक्षित स्थान मिलेगा।
ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठा रही है।
विकास की नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा राहत भवन न केवल बाढ़ के समय मददगार होंगे बल्कि गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी योगदान देंगे। इसी तरह शेड निर्माण से सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण स्तर पर विकास की गति तेज होगी।
समापन
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के इस दौरे ने सरिया क्षेत्र के ग्रामीणों को नई उम्मीद दी है। बाढ़ आपदा राहत भवन और शेड निर्माण जैसी योजनाएं न केवल तत्कालीन राहत बल्कि दीर्घकालिक विकास का रास्ता भी खोलेंगी। सरकार की यह पहल साबित करती है कि ग्रामीण और आपदा प्रभावित इलाकों को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है।






