प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। इस दौरान उन्होंने जनता का आभार व्यक्त किया और पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘कमल खिलाया’ है। यह संबोधन हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा और एनडीए गठबंधन को मिली शानदार सफलता के बाद दिया गया, जिसमें पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति और जनाधार को और मजबूत किया।
ऐतिहासिक जीत का जश्न
भाजपा मुख्यालय में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी के साथ-साथ तमिलनाडु और केरल की जनता के प्रति सम्मानपूर्वक नमन किया। उन्होंने लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी और कहा कि हर छोटे-बड़े कार्यकर्ता ने एक बार फिर कमाल कर दिखाया है, जिससे कमल खिला है। प्रधानमंत्री ने इस जीत का श्रेय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन को भी दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि यह वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में हुए पहले विधानसभा चुनाव थे, और इन चुनावों के दौरान हर पार्टी कार्यकर्ता को दिया गया मार्गदर्शन इस जीत में अमूल्य साबित हुआ। मोदी ने महाराष्ट्र, गुजरात, नागालैंड और त्रिपुरा में हुए विभिन्न उपचुनावों के परिणामों को भी उत्साहजनक बताया, जहाँ भाजपा और एनडीए के उम्मीदवारों को जनता का आशीर्वाद मिला और उन्होंने जीत दर्ज की।
‘गंगा से गंगासागर तक’ का संकल्प
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी काशी यात्रा और गंगा नदी से जुड़ाव का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि 2013 में जब उन्हें भाजपा के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था और वे काशी में नामांकन दाखिल करने गए थे, तब उनके दिल से स्वाभाविक रूप से निकला था, “मैं यहाँ अपनी मर्जी से नहीं आया हूँ, न किसी ने मुझे भेजा है। मुझे माँ गंगा ने बुलाया है।” उन्होंने कहा कि पिछले साल 14 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजों के बाद उन्होंने इसी भाजपा मुख्यालय से कहा था कि गंगा बिहार से आगे गंगासागर तक बहती है। आज बंगाल की जीत के साथ, ‘कमल गंगोत्री से गंगासागर तक खिल गया है’। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और अब पश्चिम बंगाल, ये सभी गंगा के किनारे बसे राज्य हैं जहाँ आज भाजपा और एनडीए की सरकारें सत्ता में हैं। इसके साथ ही, उन्होंने असम में लगातार तीसरी बार भाजपा और एनडीए पर विश्वास जताने के लिए जनता का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें गंगा के साथ-साथ ब्रह्मपुत्र और माँ कामाख्या का भी आशीर्वाद मिला है।
लोकतंत्र और संविधान की जीत
प्रधानमंत्री मोदी ने इन चुनावी परिणामों को भारतीय लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि इन पाँच राज्यों की जनता ने दुनिया को दिखाया है कि हमारा भारत क्यों लोकतंत्र की जननी है। उन्होंने जोर देकर कहा, “आज सिर्फ भारत के लोकतंत्र की जीत नहीं हुई, बल्कि संविधान की भी जीत हुई है।” प्रधानमंत्री ने संवैधानिक संगठनों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की जीत को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में लगभग 93% के ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत की सराहना की। उन्होंने चुनाव आयोग, मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी भाइयों और बहनों, और विशेष रूप से सुरक्षा बलों को हार्दिक बधाई दी। मोदी ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने में उनके योगदान को इतिहास हमेशा याद रखेगा।
भविष्य की रणनीति और आभार
प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी की जनता को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने भाजपा और एनडीए के ‘बेस्ट पुडुचेरी’ के विजन पर भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि 2021 में इस विजन को प्रस्तुत किया गया था और पिछले पाँच वर्षों में एनडीए सरकार ने इस विजन को गति देने के लिए पूरी लगन और प्रतिबद्धता से काम किया है। आज एक बार फिर पुडुचेरी की जनता ने एनडीए पर अपना विश्वास व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और सपनों को भी याद किया, जिनका उल्लेख उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से करते हुए कहा कि उनकी आत्मा को शांति मिली होगी। उन्होंने इन जीतों को पार्टी के समर्पण, कड़ी मेहनत और जनता के अपार विश्वास का परिणाम बताया, और यह संकल्प दोहराया कि भाजपा और एनडीए गठबंधन इन राज्यों के विकास और जनता के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।











