अरुण साव ने एटीआर गांवों में बरसात से पहले मेगा स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए, जिससे मौसमी बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बरसात के मौसम से पहले स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से मंत्री श्री अरुण साव ने एटीआर (अभ्यारण्य/टाइगर रिजर्व क्षेत्र) के गांवों में मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ और वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्री श्री साव ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि बारिश के मौसम में कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि शिविरों के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाओं का वितरण और जागरूकता अभियान चलाया जाए।
अधिकारियों के अनुसार, इन शिविरों में विशेष रूप से मलेरिया, डेंगू, जलजनित रोग और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की विशेष जांच की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि एटीआर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भौगोलिक चुनौतियां होती हैं, लेकिन इन शिविरों के माध्यम से इन चुनौतियों को कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि शिविरों में पर्याप्त चिकित्सा दल, दवाइयां और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि शिविरों के आयोजन के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर कार्य किया जा रहा है। इससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपने गांव में ही स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी और उन्हें दूर-दराज के अस्पतालों में जाने की आवश्यकता कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के शिविरों से बीमारियों की रोकथाम और समय पर उपचार संभव होता है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
यह पहल छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और लोगों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








