रायपुर। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ में सामूहिक कन्या विवाह समारोह का आयोजन उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में कई जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और पूरे क्षेत्र में खुशी तथा उत्सव का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
जानकारी के अनुसार, सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन सामाजिक समरसता और जनकल्याण के उद्देश्य से किया गया। कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। विवाह स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और सभी जोड़ों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।
समारोह में शामिल नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों ने खुशी जताते हुए कहा कि सामूहिक विवाह से आर्थिक बोझ कम होता है और सामाजिक सहयोग की भावना मजबूत होती है। कई परिवारों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण विवाह आयोजन करना कठिन था, लेकिन इस पहल से उन्हें बड़ी राहत मिली।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और सहयोग का प्रतीक है। इससे समाज में दहेज जैसी कुरीतियों को कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस प्रकार के आयोजन लगातार किए जा रहे हैं ताकि जरूरतमंद परिवारों को सहायता मिल सके। विवाह समारोह में भोजन, स्वास्थ्य और सुरक्षा की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक संगीत ने माहौल को और भी उत्साहपूर्ण बना दिया। विवाह समारोह में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। साथ ही जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का अवसर मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से लाभकारी होते हैं। इससे फिजूलखर्ची कम होती है और समाज में समानता का संदेश जाता है।
सारंगढ़ में आयोजित यह सामूहिक कन्या विवाह समारोह सामाजिक समरसता और जनकल्याण की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में नवविवाहित जोड़ों को उपहार और आशीर्वाद देकर विदाई दी गई।








